नेपाल पर अपनी पकड़ ढीली पड़ने के कारण चीन जहां एड़ी-चोटी का जोर लगा रहा है, वहीं देश के आंतरिक मामलों में दखल के खिलाफ लोगों में जबर्दस्त नाराजगी है। चीन के खिलाफ अपना गुस्सा जाहिर करने के लिए सत्ताधारी दल के दूसरे धड़े के नेता पुष्पकमल दहल प्रचंड और माधव कुमार नेपाल के नेतृत्व में सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने मंगलवार रात को टॉर्च रैली निकाली।
राष्ट्रपति भवन से चीनी दूतावास की ओर जा रहे 17 प्रदर्शनकारी गिरफ्तार
प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां और टॉर्च लिए हुए राष्ट्रपति भवन से चीनी दूतावास की ओर मार्च किया। इस दौरान वे प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के खिलाफ नारेबाजी भी कर रहे थे। नेपाली संसद को भंग करने के बाद से देश के अन्य हिस्सों में भी ऐसे ही प्रदर्शन हो रहे हैं। चीन के खिलाफ टॉर्च रैली निकालने वाले 17 प्रदर्शनकारियों को मंगलवार रात को गिरफ्तार कर लिया गया।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री ओली को चीन का समर्थक माना जाता है, लेकिन उन्होंने संसद भंग कर के चीन को भी चौंका दिया था। आनन-फानन में चीन ने इस सप्ताह के शुरू में गुओ येझाऊ के नेतृत्व में चार सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को चीन भेजा।
उस दल ने सत्ताधारी पार्टी के शीर्ष नेताओं से बातचीत कर मामले को ठीक करने की कोशिश की, लेकिन चीन के उतावलेपन से नेपाली नागरिकों में नाराजगी बढ़ गई और नेपाल के राजनीतिक मामलों में उसकी दखलंदाजी के कारण वे सड़कों पर उतर आए हैं।