अर्थशास्त्री ने भारत को अमेरिका के प्रति सतर्क रुख करने की भी सलाह दी और कहा कि रक्षा और व्यापार के लिए अमेरिका पर निर्भरता भारत के दीर्घकालिक हितों के खिलाफ होगी। उन्होंने कहा, 'अमेरिकी राजनेताओं को भारत की बिल्कुल भी परवाह नहीं है।'
मशहूर अर्थशास्त्री जेफ्री सैक्स ने भारत पर भारी भरकम टैरिफ लगाने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को जमकर लताड़ लगाई है। सैक्स ने ट्रंप की टैरिफ नीति को बेवकूफी भरा बताया और कहा कि इससे अमेरिका को कुछ हासिल नहीं होगा। न्यूज एजेंसी एएनआई के साथ बातचीत में जेफ्री सैक्स ने कहा कि ट्रंप का टैरिफ लगाने का फैसला साफ तौर पर उनकी ब्रिक्स संगठन के सदस्य देशों के प्रति दुश्मनी को दिखाता है।
विज्ञापन
जेफ्री ने कहा 'इतना ज्यादा टैरिफ लगाने का कोई मतलब नहीं। ये सही नहीं है। इससे कुछ नहीं होगा। भारत पर टैरिफ लगाना हर लिहाज से बेवकूफी है।' अर्थशास्त्री जेफ्री सैक्स ने बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप भ्रम में जी रहे हैं। उन्होंने कहा 'अमेरिका ने लंबे समय तक इस दुनिया पर अपना प्रभुत्व बनाकर रखा और उन्हें अब भी लगता है कि वे दुनिया पर अपनी मनमानी चला सकते हैं।' सैक्स के अनुसार, अमेरिका द्वारा भारत पर रूसी तेल खरीदने के लिए लगाया गया 50 फीसदी टैरिफ न सिर्फ अमेरिका की खुद की अर्थव्यवस्था के लिए को नुकसान पहुंचाएगा।
'टैरिफ युद्ध अमेरिकी अर्थव्यवस्था को तबाह कर देगा'
सैक्स ने कहा 'टैरिफ में सबकुछ गलत है। यह अमेरिकी अर्थव्यवस्था को तबाह कर देगा और यह अंतरराष्ट्रीय कानून व्यवस्था का भी उल्लंघन है। यह हमारी राजनीतिक व्यवस्था के लिए भी खराब है। ट्रंप की नीतियां असफल ही होंगी।' अर्थशास्त्री ने भारत को अमेरिका के प्रति सतर्क रुख करने की भी सलाह दी और कहा कि रक्षा और व्यापार के लिए अमेरिका पर निर्भरता भारत के दीर्घकालिक हितों के खिलाफ होगी। उन्होंने कहा, 'अमेरिकी राजनेताओं को भारत की बिल्कुल भी परवाह नहीं है। कृपया इसे समझें। चीन के खिलाफ क्वाड में अमेरिका का साथ देकर भारत को दीर्घकालिक सुरक्षा नहीं मिलेगी। भारत खुद एक महाशक्ति है जिसकी दुनिया में अपनी एक स्वतंत्र जगह है।' सैक्स ने आश्चर्यजनक रूप से चीन, रूस और ब्राजील को भारत के सच्चे साझेदार देश बताया। सैक्स ने कहा कि भले ही भारत, अमेरिकी आपूर्ति में विविधता लाने में मदद करे, फिर भी उसे वाशिंगटन के साथ अच्छे व्यापारिक संबंधों की उम्मीद नहीं करनी चाहिए।