पूर्वी कैरेबियाई सुप्रीम कोर्ट ने सेंट लूसिया में समलैंगिक संबंध बनाने को अपराधमुक्त कर दिया है और औपनिवेश काल के एक कानून को खत्म कर दिया है, जो समलैंगिक संबंधों को अपराध घोषित करता था। मंगलवार को दिए गए इस फैसले पर समलैंगिक और पूरे एलजीबीटीक्यू समुदाय ने खुशी जताई। शीर्ष अदालत ने औपनिवेशिक कानून को असंवैधानिक करार दिया।
गैर लाभकारी संगठन ने आदेश को उम्मीद की किरण बताया
एक गैर लाभकारी संगठन 'रेज योर वॉइस सेंट लूसिया' ने शीर्ष अदालत के इस फैसले की जमकर तारीफ की और इसे पूर्वी कैरेबियाई क्षेत्र में मानवाधिकारों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया। संगठन ने कहा, 'सेंट विंसेंट और ग्रेनेडाइंस तथा त्रिनिदाद और टोबैगो में मिली निराशा के बीच यह फैसला आशा की किरण है। इसने हमारे क्षेत्र की समानता के प्रति प्रतिबद्धता की परीक्षा ली। सेंट लूसिया के औपनिवेशिक काल के कानून में समलैंगिक यौन संबंधों के लिए 10 साल तक की जेल की सजा का प्रावधान था। हालांकि सरकार ने इस कानून को लागू नहीं किया, लेकिन कार्यकर्ताओं और कानूनी विशेषज्ञों का कहना था कि यह द्वीप के LGBTQ+ समुदाय के लिए एक खतरा बना हुआ है।
ये भी पढ़ें-
Tsunami: 8.7 तीव्रता के भूकंप के बाद रूस-जापान के कई हिस्सों में सुनामी; हवाई, चिली और सोलोमन द्वीप में अलर्ट
पांच कैरेबियाई देशों में अभी भी समलैंगिक संबंध बनाना अपराध
इस मामले में मदद करने वाले ब्रिटेन स्थित कानूनी संगठन, 'ह्यूमन डिग्निटी ट्रस्ट' के अनुसार, 'इस प्रावधान का अस्तित्व ही मानवाधिकारों का उल्लंघन है और भेदभाव के और अधिक कृत्यों को बढ़ावा देना है।' 2019 में, 'ईस्टर्न कैरिबियन अलायंस फॉर डायवर्सिटी एंड इक्वैलिटी' ने एंटीगुआ और बारबुडा, बारबाडोस, ग्रेनाडा, सेंट किट्स एंड नेविस और सेंट लूसिया में ऐसे कानूनों के खिलाफ पांच कानूनी चुनौतियां दायर कीं। 2022 में, बारबाडोस, एंटीगुआ और बारबुडा और सेंट किट्स एंड नेविस की अदालतों ने इन कानूनों को रद्द कर दिया।
अब सिर्फ पांच कैरिबियाई देश अभी भी समलैंगिक यौन संबंधों को दंडित करते हैं, जिनमें जमैका, ग्रेनाडा, गुयाना, सेंट विंसेंट और ग्रेनेडाइंस, और त्रिनिदाद और टोबैगो में इस साल की शुरुआत में एक अपील अदालत ने समलैंगिक यौन संबंधों को अपराधमुक्त करने वाले फैसले को पलट दिया था। हिंसक हमलों के बाद LGBTQ+ समुदाय के सदस्य इन द्वीपों से भाग गए हैं।