अमेरिका ने तालिबान से कहा है कि पिछले हफ्ते अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी द्वारा जारी शांतिवार्ता पर वह गंभीरता से विचार करे। साथ ही अमेरिका ने कहा कि वह खुद ऐसी किसी बातचीत में शामिल नहीं होगा। पिछले दिनों काबुल सम्मेलन में गनी ने तालिबान को एक राजनीतिक दल के रूप में स्थापित करने की अनुमती दी।
गनी ने कहा यदि वह शांतिवार्ता में शामिल हो जाए तो वह आतंकी समूह पर से प्रतिबंध हटा देगा। इस पर तालिबान ने सरकार के साथ सीधी बातचीत से इंकार करते हुए केवल अमेरिका के साथ वार्ता पर जोर दिया। इस पर अमेरीकी विशेषज्ञ एलिस वेल्स ने कहा कि गनी ने तालिबान से समर्पण के लिए नहीं बल्कि उन्हें राजनीतिक धारा में लाने के लिए ये बात कही है इसलिए यह मसला हंभीर और बेहतर है।