बांग्लादेश के एक अदालत ने रविवार को तीन रोहिंग्या कट्टरपंथियों को बम बनाने का सामान रखने के आरोप में 10 साल की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष के मुताबिक, ये तीनों कट्टरपंथी एक आतंकी संगठन रोहिंग्या सॉलिडिरिटी ऑर्गनाइजेशन से जुड़े हुए थे। यह आतंकी संगठन म्यामांर के रखाइन राज्य में 1980 और 1990 के दशक में सक्रिय था, लेकिन अब निष्क्रिय हो चुका है।
मेट्रोपॉलिटन स्पेशल ट्रिब्यूनल के अभियोजक सलाहुद्दीन होवलेदर ने बताया कि इन तीनों को 2014 में ढाका में गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के दौरान तीनों के पास से आईईडी विस्फोटक बनाने की सामग्री मिली थी।
इन तीनों पर भारतीय सीमा के करीब बर्दवान बम धमाके में शामिल होने का संदेह था। 2014 में हुई उस धमाके में दो लोग मारे गए थे, जबकि दर्जनों घायल हुए थे। पुलिस की पूछताछ में तीनों ने बांग्लादेश के विभिन्न इलाकों में बम धमाके करने की योजना स्वीकार की थी।