यूरोपीय स्पेस एजेंसी (ईएसए) के मार्स एक्सप्रेस स्पेसक्राफ्ट ने मंगल ग्रह के दक्षिण ध्रुवीय क्षेत्र में बर्फ के नीचे दबे हुए तरल जल के कई तालाबों की खोज की है। स्पेसक्राफ्ट के रडार मारसिस (मार्स एडवांस्ड रडार फॉर सब्सुरफेस एंड आयनोस्फीयर साउंडिंग) ने 2018 में एक भूमिगत जलाशय का खुलासा किया था। यह जलाशय बर्फ के नीचे करीब 1.5 किलोमीटर नीचे था।
अलग ढंग से विश्लेषण और ज्यादा आंकड़ों को ध्यान में रखते हुए अब तीन नए तालाबों का पता लगाया गया है। सबसे बड़ी भूमिगत झील की माप करीब 20 गुणा 30 किमी है और यह कई छोटे तालाबों से घिरी हुई है। ठंडे तापमान पर तरल बने रहने के लिए इस पानी को बहुत नमकीन माना जा रहा है। पहली की धरती की तरह ही कभी मंगल ग्रह को भी गर्म और जमीन पर पानी बहाव के साथ गीला समझा जाता था। हालांकि मौजूदा समय में मंगल की सतह पर पानी का स्थिर रहना संभव नहीं है।
हालांकि नए परिणामों से यह संभावना लगती है कि प्राचीन झीलों का एक पूरा सिस्टम भूमिगत हो और ये झीलें शायद लाखों या अरबों साल पुरानी हो सकती हैं। ये मंगल ग्रह पर जीवन होने के सुबूत तलाशने के लिए उचित जगह होंगी, भले ही वहां तक पहुंचना काफी मुश्किल हो।
अंटार्कटिका की झील वोस्तोक की तरह पृथ्वी पर भी विशालकाय झीलें पाई जाती हैं। ये खगोलविदों को एक अद्वितीय इकोसिस्टम उपलब्ध करा सकते हैं कि कैसे अत्यंत दुष्कर वातारण में जीवन कैसे बचा रह सकता है। मंगल पर रडार डाटा का विश्लेषण करने में इस्तेमाल की जाने वाली तकनीक अंटार्कटिका, कनाडा और ग्रीनलैंड में सबग्लेशियल झीलों के परीक्षण में उपयोग होने वाले के समान हैं।