निज्जर गुरु नानक सिख गुरुद्वारे का अध्यक्ष था और कनाडा में चरमपंथी संगठन सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) का प्रमुख चेहरा था। निज्जर, खालिस्तान टाइगर फोर्स का प्रमुख भी था।
कनाडा में खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का मामला काफी चर्चाओं में हैं। इस बीच मंगलवार को कनाडा की एक अदालत में हत्याकांड के जुड़े तीन आरोपी पेश किए गए। उन्हें समुदाय के लोगों के साथ संपर्क न करने का आदेश दिया गया है। मामले की अगली सुनवाई 25 जून को की जाएगी।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, तीन आरोपी- करण बरार (22), कमलप्रीत सिंह (22) और करणप्रीत सिंह सरे (28) ब्रिटिश कोलंबिया प्रांतीय न्यायालय में व्यक्तिगत रूप से पेश हुए। वहीं, अमनदीप सिंह (22) वीडियो लिंक के माध्यम से पेश हुआ। बता दें, अमनदीप ओंटारियो में हिरासत में है। न्यायाधीश मार्क जेट ने इन चारों को अपनी समुदाय के लोगों से कोई संपर्क नहीं रखने का आदेश दिया है। अदालत में प्रवेश करते समय उन्होंने लाल जेल स्वेटसूट पहना था।
न्यायाधीश मार्क जेट ने दुभाषिया की मदद से लोगों से बात की और उन्हें संपर्क रहित आदेश के तहत रखा। अदालत में पेश करने से पहले उनकी तलाशी की गई। उनके फोन पहले ही रखवा लिए गए थे। इस दौरान निज्जर समर्थक अदालत के बाहर प्रदर्शन कर रहे थे। उनके पास खालिस्तान के झंडे और पोस्टर थे।
जानिए, कौन है हरदीप सिंह निज्जर
कनाडाई पीएम ने भारत सरकार पर लगाए आरोप
विदेशी मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कनाडाई प्रधानमंत्री मंत्री जस्टिन ट्रूडो ने पिछले साल आरोप लगाए थे कि निज्जर की हत्या के पीछे भारत सरकार का हाथ हो सकता है। ट्रूडो ने कहा कि कनाडाई सुरक्षा एजेंसियों के पास यह मानने के कारण है कि भारत सरकार के एजेंटों ने ही निज्जर की हत्या की है। कनाडाई एजेंसियां निज्जर की हत्या में भारत की साजिश की संभावनाओं की जांच कर रही हैं। ट्रूडो ने जोर दिया कि कनाडा की धरती में कनाडाई नागरिक की हत्या में किसी भी प्रकार की संलिप्तता अस्वीकार्य है।
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