पूनावाला ने ब्रिटिश समाचार पत्र से कहा, 'मैं यहां (लंदन) तय समय से अधिक रुक रहा हूं, क्योंकि मैं उस स्थिति में वापस नहीं जाना चाहता। सब कुछ मेरे कंधों पर पड़ गया है, लेकिन मैं इसे अकेले नहीं कर सकता। मैं ऐसी स्थिति में नहीं रहना चाहता, जहां आप सिर्फ अपना काम करने की कोशिश कर रहे हों, और सिर्फ इसलिए कि आप हर किसी की जरूरत को पूरा नहीं कर सकते, आप अंदाजा नहीं लगा सकते कि बदले में वे क्या करेंगे।'
उम्मीद और उग्रता का स्तर अभूतपूर्व
उन्होंने कहा, 'लोगों की उम्मीद और उग्रता का स्तर वास्तव में अभूतपूर्व है। यह बहुत अधिक है। सभी को लगता है कि उन्हें वैक्सीन मिलनी चाहिए। वे समझ नहीं सकते कि उनसे पहले किसी और को यह क्यों मिलनी चाहिए।' उन्होंने साक्षात्कार में संकेत दिया कि उनकी लंदन यात्रा भारत के बाहर वैक्सीन निर्माण बढ़ाने की व्यावसायिक योजनाओं से भी जुड़ी हुई है, और लंदन उनकी पसंद में शामिल हो सकता है। जब उनसे भारत के बाहर वैक्सीन उत्पादन के ठिकानों के बारे में पूछा गया, तो पूनावाला ने कहा कि 'अगले कुछ दिनों में एक घोषणा होने जा रही है।' पूनावाला ने कहा, 'हम वास्तव में सभी की मदद के लिए हांफ रहे हैं।'
अदार पूनावाला ने कहा कि उन्होंने कहा कि मुझे नहीं लगता कि भगवान को भी अंदाजा होगा कि हालात इतने खराब होने वाले हैं। मुनाफाखोरी के आरोप को उन्होंने पूरी तरह से गलत बताया और कहा कि कोविशील्ड अभी भी दुनिया की सबसे सस्ती वैक्सीन है। हमने कुछ भी गलत या मुनाफाखोरी नहीं की है। मैं प्रतीक्षा करूंगा कि इतिहास हमारे साथ न्याय करे।
भारत सरकार के अधिकारियों के अनुसार पूनावाला को संभावित खतरों को देखते हुए सुरक्षा दी गई है। देश में किसी भी जगह उनके साथ केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के जवान उनकी सुरक्षा में होंगे। इनमें 4-5 कमांडो होंगे।
सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के सीईओ अदार पूनावाला ने बताया कि यूके में हमारे सभी भागीदारों और स्टॉकहोल्डर के साथ बैठक हुई है। यह बताते हुए खुशी हो रही है कि कोविशिल्ड का उत्पादन पुणे में पूरे जोरों पर है। साथ ही कहा कि मैं संचालन की समीक्षा के लिए तत्पर हूं।