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फ्रांस: शिक्षक की बेरहमी से हत्या के विरोध में पेरिस में हजारों रैली, प्रधानमंत्री भी प्रदर्शन में हुए शरीक

Mon, 19 Oct 2020 01:15 AM IST
देव कश्यप वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, पेरिस
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Teacher Samuel Paty (File Photo) - फोटो : Twitter@mini_razdan
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फ्रांस में एक स्कूल शिक्षक की बेरहमी से हत्या कर दी गई। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सैम्युएल पैटी को शुक्रवार को कॉनफ्लैंस सेंट-होनोरिन में 18 वर्षीय एक लड़के ने गर्दन काटकर हत्या कर दी, जिसे बाद में पुलिस ने गोली मार दी। शरणार्थी इस्लामिक आतंकवादी का जन्म मॉस्को में हुआ था और यह चेचेन्या का शरणार्थी था। उसने सिर कलम करने का वीडियो भी बनाया और उसके बाद उस गंभीर क्लिप को ऑनलाइन पोस्ट कर दिया।

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पुलिस के मुताबिक, शिक्षक इतिहास पढ़ाता था और उन्होंने पैगंबर मोहम्मद का क्लास में कैरिकेचर दिखाया था। इस मामले पर टिप्पणी करते हुए फ्रांसीसी आतंकवाद-विरोधी अभियोजकों ने कहा कि स्कूल शिक्षक की बेरहमी से की गई इस हत्या की वे जांच कर रहे हैं। हमला पेरिस की सीमा पर शाम पांच बजे पर हुआ, जो कि फ्रांस की राजधानी के पश्चिमी उपनगर कॉनफ्लैंस सेंट-होनोरिन में एक स्कूल के पास है। अभियोजकों ने कहा कि वे इस घटना को 'आतंकवादी संगठन से जुड़ी एक हत्या' और 'आतंकवादियों के साथ आपराधिक संबंध' के रूप में मान रहे हैं।


सैम्युएल पैटी की हत्या के विरोध में पेरिस में हजारों रैली
शिक्षक की गर्दन काटकर हत्या करने के मामले में रविवार को देश भर में हजारों लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए प्रदर्शन किया। फ्रांस के प्रधानमंत्री भी प्रदर्शन में शरीक हुए। हमले को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांस को संदेश भेजकर एकजुटता दर्शाई, जिसके कुछ घंटे बाद प्रदर्शन हुए। फ्रांस के प्रधानमंत्री जीन कैस्टेक्स अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और 47 वर्षीय शिक्षक की याद में पेरिस के प्लेस डी ला रिपब्लिक में रविवार को हुए प्रदर्शन में नागरिकों, संगठनों और संघों के साथ खड़े हुए।
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कुछ ने हाथों में तख्तियां ली हुई थीं जिन पर लिखा था ‘मैं सैम्युएल हूं’। यह प्रदर्शन ‘मैं चार्ली हूं’ से  मिलता-जुलता था जो 2015 में अखबार चार्ली हेब्दो पर हमले के बाद हुआ था। इस अखबार ने पैगंबर के कार्टून छाप दिए थे। चौराहों पर एक मिनट का मौन धारण किया गया। एक पल के लिए पूरे चौक में का सन्नाटा देखा गया, चौक तालियों से गूंज उठा और फिर फ्रांस का राष्ट्र गान ला मार्सिलेस गाया गया। प्रदर्शनकारियों ने ल्योन, तलोज, स्ट्रासबर्ग, नांतेस, मार्सिली, लिली और बोर्डेक्स सहित बड़े शहरों में भी प्रदर्शन किया। 

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