रूस और यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष में सैकड़ो घर तबाह हो गए। हजारों लोगों को हिरासत में ले लिया गया, लेकिन आज भी हजारों यूक्रेनी नागरिकों के घर के दरवाजे और उनरे परिवार के सदस्य उनका इंतजार कर रहे है। ऐसी ही एक घटना है जब लगभग दो साल पहले कोस्टियनटीन जिनोवकिन की मां ने अपने घर का दरवाज़ा खुलने की आवाज़ सुनी, तो उन्हें लगा कि उनका बेटा घर लौट आया है क्योंकि वह कुछ भूल गया था। लेकिन इसके बजाय, कुछ रूसी सैनिक जो बैलेक्लाव पहने हुए थे मेलिटोपोल में उनके अपार्टमेंट में घुस आए। बता दें कि यह शहर दक्षिणी यूक्रेन में है और रूसी सेना द्वारा कब्जा किया गया है।
जिनोवकिन की रिहाई के उम्मीद में उनकी मां
रूसी कैद में बंद है ऐसे हजारों जिनोवकिन
जेल में कितने यूक्रेनी अंदाजा लगाना कठिन
हां एक बात ये भी है कि युद्ध के बढ़ते प्रकोप के साथ ही रूस ने यूक्रेन के अधिकतर हिस्सों पर कब्जा कर लिया। इससे साफ है कि इस बात का अंदाजा नहीं है कि कितने यूक्रेनी नागरिक हिरासत में हैं, चाहे वह कब्जे वाले क्षेत्रों में हों या रूस में। यूक्रेन के मानवाधिकार लोकपाल, दिमित्रो लुबिनेट्स ने अनुमान लगाया है कि 20,000 से ज्यादा लोग हिरासत में हैं। साथ ही मतविचुक का कहना है कि उनके समूह को नागरिक बंदियों की मदद के लिए 4,000 से ज्यादा अनुरोध मिले हैं। उनका कहना है कि युद्ध में गैर-लड़ाकों को हिरासत में रखना अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है।