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हांगकांग में लोकतंत्र के समर्थन में उतरे हजारों छात्र, स्कूलों का बहिष्कार

Tue, 03 Sep 2019 03:49 AM IST
Nilesh Kumar वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला

सार

  • प्रदर्शनकारियों ने कई जगहों पर रोकी ट्रेन, यातायात प्रभावित
  • महिला प्रदर्शनकारियों को रेप की धमकी, किया जा रहा ट्रोल
  • गिरफ्तार प्रदर्शनकारियों को रिहा करने और केस वापस लेने की मांग
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Hongkong Protest - फोटो : Twitter
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विस्तार
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तीन महीने से हांगकांग में जारी सरकार विरोधी प्रदर्शन के समर्थन में अब छात्र भी उतर आए हैं। प्रदर्शनकारियों की अपील पर हजारों छात्रों ने सोमवार को स्कूलों का बहिष्कार किया और सड़कों पर उतरकर मानव शृंखला बनाई। इस बीच, कई जगहों पर प्रदर्शनकारियों ने ट्रेनें और बसें रोकी। इसके चलते दैनिक यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।

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प्रत्यर्पण कानून में संशोधन के विरोध में शुरू हुआ प्रदर्शन अब लोकतंत्र के लिए आंदोलन का रूप ले चुका है। लगातार तीसरे दिन सोमवार को प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर उतरकर सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों के आह्वान पर सड़कों पर उतरे स्कूली छात्रों के हाथों में तख्तियां और बैनर थे। इनमें से कुछ छात्र गैस मास्क, हेलमेट और चश्मा पहने हुए थे। स्कूली छात्रों के अलावा हांगकांग यूनिवर्सिटी के छात्रों ने भी शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया। 

छात्रों ने हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों को रिहा करने और उनके खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग की। साथ ही प्रत्यर्पण विधेयक को वापस लेने की मांग की। 19 वर्षीय छात्र चान ने कहा, ‘हम शांत से नहीं बैठेंगे। हम हांगकांग के लिए लड़ाई लड़ते रहेंगे।’ एक अन्य छात्र ने कहा कि स्थिति पहले जैसी नहीं है। अब लोग लोकतंत्र के लिए कुछ भी करने को तैयार हैं। बता दें कि करीब दो सप्ताह पहले प्रदर्शनकारियों ने हांगकांग एयरपोर्ट पर प्रदर्शन किया था और इसकी वजह से हवाई सेवा प्रभावित हुई थी।
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प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज, चार गिरफ्तार

बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी ट्रेनों के दरवाजों पर खड़े हो गए और उन्हें बंद होने से रोका। यह सिलसिला भूमिगत ट्रेनों में कई जगहों पर चला, जिससे ट्रेन सेवा कुछ देर के लिए प्रभावित हुई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर हल्के बल का भी प्रयोग किया। लोक फू स्टेशन पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया और एक प्रदर्शनकारी को गिरफ्तार किया। लाई किंग स्टेशन से भी पुलिस ने तीन प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया है।

स्कूलों का राजनीतिक के लिए न हो इस्तेमाल: शिक्षा सचिव

इससे पहले हांगकांग के शिक्षा सचिव केविन येंग ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि छात्र स्कूलों में ही रहेंगे। स्कूलों का राजनीतिक पूर्ति के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘हम यह सुनिश्चित करेंगे की स्कूलों में शांति बनी रहे और इसका इस्तेमाल प्रदर्शन या आंदोलन के लिए कतई न हो। स्कूल छात्रों की पढ़ाई की जगह है और उसका उसी रूप में इस्तेमाल होना चाहिए।’ वहीं, प्रशासन सचिव मैथ्यू चेउंग किंग-चुंग ने कहा कि प्रदर्शनकारियों को हिंसा रोकनी होगी। इसके बाद ही कोई वार्ता संभव हो सकती है। 

प्रदर्शनकारी महिलाओं को मिली दुष्कर्म की धमकी

इस बीच, हांगकांग में सरकार विरोधी प्रदर्शनों में शामिल हो रहीं महिलाओं ने दुष्कर्म की धमकी मिलने और सोशल मीडिया पर चीनी सोशल मीडिया यूजर्स की ओर से ट्रोल किए जाने का आरोप लगाया है। लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शन का हिस्सा रही 17 वर्षीय मिकी लुआंग हो वुन ने कहा, ‘मुझ पर मेरे विचारों या अन्य वजहों से हमला नहीं कर किया जा रहा, बल्कि वे इसलिए हमला कर रहे हैं क्योंकि मैं महिला हूं।’ एक और महिला प्रदर्शनकारी यायू हो ने बताया कि सोशल मीडिया पर उन्हें चीन समर्थक यूजर्स निशाना बना रहे हैं। मुझे दुष्कर्म की धमकियां दी जा रही हैं। प्रदर्शन की फर्जी तस्वीरें शेयर की जा रही हैं।
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बल प्रयोग पर यूएन-अमेरिका जता चुके हैं चिंता

हांगकांग में प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग को लेकर संयुक्त राष्ट्र और अमेरिका चिंता जता चुके हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि प्रदर्शनकारियों पर बल का प्रयोग नहीं होना चाहिए। इस पर चीन ने आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा था कि यह उसका आंतरिक मामला है और इसमें बाहरी देश का दखल उसे मंजूर नहीं। 

हेलीकॉप्टर से चमकीले पाउडर का छिड़काव

इस बीच, प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पुलिस और प्रशासन ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन में हिस्सा लेने लोगों पर हेलीकॉप्टर से चमकीले पाउडर का छिड़काव कराया। इससेे पहले प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले और नीले पीने की बौछारें की गईं। चमकीले पाउडर का छिड़काव और नीले पानी की बौछार का मकसद बाद में प्रदर्शनकारियों की आसानी से पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करना है। 

छात्रों में चीन विरोधी भावनाएं बढ़ने से चीन परेशान

हांगकांग में हाईस्कूल के छात्र अब लोकतंत्र और सामाजिक अधिकारों की खुलकर चर्चा करने लगे हैं। इसको लेकर चीन की चिंता बढ़ती जा रही है। बीजिंग का आरोप है कि हांगकांग के माध्यमिक स्कूलों में चीन विरोधी कोर्स पढ़ाया जा रहा है। इससे छात्रों में चीन विरोधी भावनाएं तेज हो रही हैं। चीन इस बात को लेकर भी चिंतित है कि छात्र अब तेजी से नियंत्रण से बाहर हो रहे हैं। इसके लिए चीन सीधे तौर पर उदारवादी पाठ्यक्रमों को जिम्मेदार ठहरा रहा है।
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