बांग्लादेश की राजधानी में हजारों लोगों ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों का विरोध करते हुए प्रदर्शन किया। फ्रांसीसी राष्ट्रपति के विरोध में इसे अब तक का सबसे बड़ा प्रदर्शन माना जा रहा है।
मैक्रों ने उन धर्मनिरपेक्ष कानूनों का समर्थन किया है जिनके तहत धर्मगुरु पर कार्टून बनाने की इजाजत है। इस्लामिक स्कूलों के शिक्षक व छात्रों के नेटवर्क ‘हिफाजत-ए-इस्लाम समूह’ ने यह प्रदर्शन आयोजित किया।
हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारी ढाका के पुराने इलाके की मुख्य बैतुल मोकर्रम मस्जिद के बाहर एकत्रित हुए। प्रदर्शनकारियों ने ‘फ्रांसीसी वस्तुओं का बहिष्कार करो’ जैसे नारे लगाए और फ्रांस के राष्ट्रपति का पुतला जलाया।
समूह के नेता नूर-हुसैन-काश्मी ने फ्रांस सरकार से दुनिया भर के दो अरब मुसलमानों से माफी मांगने की मांग की। उन्होंने कहा, देश में फ्रांस का दूतावास बंद किया जाना चाहिए। यह शर्म की बात है कि उन्होंने संसद में निंदा प्रस्ताव पारित नहीं किया है।