Trump Accuses Biden's Staffers: ट्रंप ने आरोप लगाया कि बाइडन मानसिक रूप से अक्षम थे, यह जानते हुए भी उनके स्टाफ ने देश की सीमाएं खोलने का फैसला लिया। ट्रंप ने कहा, 'उन्होंने राष्ट्रपति पद चुरा लिया और देश को खतरे में डाल दिया। यह उच्च स्तर का देशद्रोह है।'
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन और उनके कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ट्रंप ने दावा किया है कि बाइडन के सहयोगियों ने उनकी मानसिक कमजोरी का फायदा उठाकर अमेरिका की सीमाएं खुली छोड़ दीं, जिससे देश में अपराधी, ड्रग डीलर और मानसिक रूप से अस्थिर लोग बिना किसी जांच के घुसते रहे। ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में कहा, 'यह अमेरिका के खिलाफ सबसे बड़ा देशद्रोह है।'
'ऑटोपेन' से फैसले लिए गए- डोनाल्ड ट्रंप
उन्होंने आरोप लगाया कि बाइडन खुद खुली सीमाओं के पक्ष में नहीं थे, लेकिन उनके कर्मचारियों ने सत्ता संभाल ली और 'ऑटोपेन' (एक इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर उपकरण) से फैसले लिए। ट्रंप ने कहा कि सीमा पार से अपराधियों, ड्रग तस्करों और मानसिक रोगियों का प्रवेश बिना रोक-टोक के होता रहा। इससे देश को सैकड़ों अरब डॉलर का नुकसान हुआ और राष्ट्रीय सुरक्षा खतरे में पड़ी।
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ट्रंप ने की सख्त सजा की मांग
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि जो लोग यह सब कर रहे थे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। 'इन देशद्रोही लोगों को बहुत कड़ी सजा मिलनी चाहिए। ये देश को खत्म करना चाहते थे, लेकिन मैं उन्हें रोकने के लिए आया।'
बाइडन की सेहत को लेकर भी निशाना
ट्रंप के इस बयान से पहले एक नई किताब 'ओरिजिनल सिन: प्रेसिडेंट बाइडन डिक्लाइन, इट्स कवर-अप एंड हिज डिसट्रॉस च्वाइस टू रन अगेन' में दावा किया गया है कि राष्ट्रपति बाइडन की शारीरिक हालत काफी खराब हो गई थी। वहीं कुछ समाचार एजेंसियों की रिपोर्ट के अनुसार, बाइडन के डॉक्टर ने चेतावनी दी थी कि अगर वह गिरते हैं तो उन्हें व्हीलचेयर की जरूरत पड़ सकती है। इसी कारण उनके स्टाफ ने उनके लिए चलने के रास्ते छोटे कर दिए, रेलिंग लगवाई और सीढ़ियों की जगह छोटे रास्तों का इस्तेमाल किया।