हितधारकों की पूर्ण भागीदारी और प्रतिबद्धता बहुत ही जरूरी
उन्होंने आगे कहा कि स्थायी शांति के लिए सभी हितधारकों की पूर्ण भागीदारी और प्रतिबद्धता बहुत ही जरूरी है। भारत इस दिशा में हाल के सकारात्मक घटनाक्रमों का स्वागत करता है। हमने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच अलास्का में हुई शिखर बैठक का समर्थन किया। हम अलास्का शिखर सम्मेलन में हुई प्रगति की सराहना करते हैं। हम वाशिंगटन डीसी में यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की और यूरोपीय नेताओं के साथ बातचीत करने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति की ओर से किए गए कूटनीतिक प्रयासों को भी सराहते हैं।
वैश्विक दक्षिण के देश प्रभावित
हरीश ने कहा, 'प्रधानमंत्री मोदी वर्तमान हालात पर राष्ट्रपति पुतिन, राष्ट्रपति जेलेंस्की और यूरोपीय नेतृत्व के संपर्क में हैं। हमारा मानना है कि ये सभी कूटनीतिक प्रयास यूक्रेन में चल रहे संघर्ष को समाप्त करने और स्थायी शांति की संभावनाओं को खोलने में मदद करेंगे। हमें इस बात का खेद है कि संघर्ष के अन्य परिणाम दुनिया भर में और खास तौर पर वैश्विक दक्षिण के देशों को प्रभावित कर रही हैं, जिन्हें अपने हाल पर छोड़ दिया गया है। संघर्ष के परिणामों में ईंधन की बढ़ती कीमतें भी शामिल हैं।'
राजनयिक प्रयासों का समर्थन करने के लिए तैयार
उन्होंने कहा कि हमारे दृष्टिकोण से यह महत्वपूर्ण है कि उनकी आवाज सुनी जाए और उनकी वैध चिंताओं का उचित समाधान किया जाए। यूक्रेन संघर्ष के प्रति भारत का दृष्टिकोण जन-केंद्रित बना हुआ है, जो यूक्रेन को मानवीय सहायता और ग्लोबल साउथ में हमारे मित्रों और साझेदारों को आर्थिक सहायता प्रदान कर रहा है, जिसमें हमारे कुछ पड़ोसी देश भी शामिल हैं, जो आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। अंत में अध्यक्ष महोदय, यूक्रेन में संघर्ष का शीघ्र अंत सभी के हित में है। जैसा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई मौकों पर कहा है, 'यह युद्ध का युग नहीं है।' भारत संघर्ष को शीघ्र समाप्त करने के लिए राजनयिक प्रयासों का समर्थन करने के लिए तैयार है।