फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

'कहीं उन्हें दिल का दौरा न पड़ जाए': ईरान ने यूएस को दी खतरनाक हथियार की धमकी, दोनों देशों में टकराव हुआ तेज

Thu, 30 Apr 2026 01:05 PM IST
Riya Dubey वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला

सार

ईरान ने अमेरिका और इस्राइल के खिलाफ संघर्ष के बीच नए खतरनाक हथियार के इस्तेमाल की चेतावनी दी है। ईरानी नौसेना प्रमुख शहराम ईरानी ने दावा किया कि यह हथियार दुश्मनों के बेहद करीब है और इससे वे घबरा जाएंगे। आइए विस्तार से जानते हैं। 
विज्ञापन
ईरानी नौसेना प्रमुख की धमकी - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पश्चिम एशिया में हालात तेजी से बिगड़ते नजर आ रहे हैं। ईरान ने अमेरिका और इस्राइल के खिलाफ जारी संघर्ष के बीच एक नए और डर पैदा करने वाले हथियार के इस्तेमाल की खुली चेतावनी दी है। 

ईरान की खुली धमकी

ईरानी नौसेना प्रमुख रियर एडमिरल शहराम ईरानी ने सरकारी मीडिया से बातचीत में कहा कि इस्लामिक गणराज्य बहुत जल्द ऐसा हथियार इस्तेमाल करेगा जिससे दुश्मन बुरी तरह घबरा जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि यह हथियार दुश्मन के बेहद करीब मौजूद है और तंज कसते हुए बोले, उम्मीद है कि उन्हें दिल का दौरा न पड़ जाए।

दुश्मन की कोशिश पूरी तरह नाकाम रही

ईरानी कमांडर ने अमेरिकी रणनीति पर भी तीखा हमला बोला और कहा कि आर्थिक दबाव और तेल व्यापार को रोककर तेहरान को बातचीत की मेज पर लाने की कोशिश पूरी तरह नाकाम रही है। उन्होंने कहा कि दुश्मन यह मान बैठे थे कि वे कम समय में अपने लक्ष्य हासिल कर लेंगे, लेकिन अब यही सोच सैन्य अकादमियों में मजाक बन चुकी है।

ट्रंप ने ईरान के प्रस्ताव को ठुकराया

यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के उस प्रस्ताव को ठुकरा दिया, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के बदले अमेरिकी नाकेबंदी हटाने की बात कही गई थी। इस प्रस्ताव में ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत को भी टालने का सुझाव शामिल था, जिसे अमेरिका ने सिरे से खारिज कर दिया।

ईरान ने क्या किया दावा?

 ईरानी कमांडर ने दावा किया कि ईरानी बलों ने अमेरिकी विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन (सीवीएन-72) के खिलाफ कम से कम सात मिसाइल ऑपरेशन अंजाम दिए, जिसके कारण कुछ समय के लिए अमेरिका उस पोत से विमान उड़ाने या हवाई अभियान चलाने में असमर्थ रहा। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

विज्ञापन


ईरान ने यह भी कहा कि अमेरिका और इस्राइल द्वारा युद्ध शुरू किए जाने के बाद उसने अब तक 100 से अधिक जवाबी हमले किए हैं, जो पश्चिम एशिया में अमेरिकी और इजरायली ठिकानों पर केंद्रित थे। 

जवाबी कार्रवाई के तहत ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने का कदम उठाया, जो वैश्विक  ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से बेहद अहम समुद्री मार्ग है और सामान्य समय में दुनिया के करीब 20 प्रतिशत कच्चे तेल का परिवहन इसी रास्ते से होता है।

होर्मुज को दी चेतावनी

ईरान ने दावा किया कि उसने इस जलमार्ग को अरब सागर की ओर से बंद कर दिया है और अब दुश्मन देशों और उनके सहयोगियों के जहाजों को गुजरने के लिए ईरानी अधिकारियों से अनुमति लेनी पड़ रही है। कमांडर ने चेतावनी दी कि अगर कोई जहाज नजदीक आता है तो तुरंत सैन्य कार्रवाई की जाएगी। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि नाकेबंदी के बावजूद कुछ जहाज ईरानी बंदरगाहों से निकले हैं और कुछ अपने गंतव्य तक पहुंचने में सफल रहे हैं।

विज्ञापन


ईरानी अधिकारी ने अमेरिकी कार्रवाई को गैरकानूनी जब्ती बताते हुए गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि अमेरिकी बलों ने ईरानी जहाजों को कब्जे में लेकर चालक दल और उनके परिवारों को बंधक बना लिया है। उन्होंने इसे न सिर्फ समुद्री डकैती बल्कि बंधक बनाना करार दिया और कहा कि अमेरिकी ताकतें सोमाली समुद्री लुटेरों से भी बदतर हैं, क्योंकि वहां के लुटेरे गरीबी के कारण ऐसा करते थे, जबकि अमेरिका ने इसमें बंधक बनाने जैसे अपराध को भी जोड़ दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि युद्ध में मारे गए लोगों का बदला खून की आखिरी बूंद तक लिया जाएगा और दुश्मनों को ऐसा झटका दिया जाएगा जिसका उन्हें हमेशा पछतावा रहेगा।
विज्ञापन


विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें