कोरोना वायरस से दुनिया भर में रोजाना मौतें हो रही हैं। लोग अब भी हजारों की संख्या में संक्रमित हो रहे हैं। हर कोई चाहता है टीका जल्द बने हो और कोरोना को हराया जाए। लेकिन अभी तक ऐसा कोई टीका नहीं आया जिस पर पूरी तरह भरोसा किया जा सके।
कुछ टीके तीसरे फेज के ट्रायल तक पहुंच चुके हैं जिनका परिणाम 90 फीसदी तक आया है। अगर ऐसे ही शोधों में टीके सटीक साबित हुए तो दुनियाभर के लोगों को एक साथ कई टीके मिल सकते हैं।
साथ ही बाजार में कोरोना के कई टीके उपलब्ध हो सकते हैं। कुछ पर तो अभी से ही युद्धस्तर पर काम भी चल रहा है। दर्जनों वैक्सीन बनने से कोविड -19 महामारी में जल्द ही छुटकारा मिलेगा क्योंकि इससे संभावना बढ़ गई है कि कम से कम कुछ टीके तो सफल होंगे।
एस्ट्राजेनेका के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पास्कल सोरेन ने कहा कि दुनिया से महामारी को खत्म करने के लिए जितने टीके की जरूरत है। फाइजर, मॉडर्ना और एस्ट्राजेनेका के पास दुनिया के लिए पर्याप्त उत्पादन क्षमता नहीं है। साथ ही कहा कि वास्तव में यह कोई प्रतिस्पर्धा नहीं है।
दुनियाभर में अलग-अलग कंपनियों ने लाखों डोज तैयार कर लिए हैं, जो कंपनियां अभी पीछे हैं, वो तेजी से इस पर काम कर रही हैं। कोरोना का टीका विकसित कर रही मॉडर्ना ने कहा है कि अमेरिका के लिए लगभग 20 मिलियन डोज जनवरी तक तैयार कर लेगी। वहीं एस्ट्राजेनेका साल के अंत तक यूके लिए चार मिलियन डोज तैयार कर लेगी।
गौरतलब है कि तीन या चार कंपनियां पूरी दुनिया को कोरोना टीका नहीं दे सकती, इसके लिए और कंपनियों को दुनिया की सहायता करनी होगी। लेकिन कौन सा टीका प्रभावी होगा यह कहना अभी मुश्किल है। विशेषज्ञों का मानना है उत्पादन और मैन्युफैक्चरिंग पर अधिक काम करने की जरूरत है। फिलहाल दुनिया में दर्जन भर से भी ज्यादा कोरोना टीके पर शोध चल रहा है।