दक्षिण अफ्रीका की फीनिक्स बस्ती में भारत प्रायोजित महात्मा गांधी इंस्टिट्यूट ऑफ कंप्यूटर एजुकेशन एंड इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी केंद्र में चोरी के बाद यहां कम फीस या मुफ्त में कंप्यूटर प्रशिक्षण पा रहे छात्रों का भविष्य संकट में पड़ गया है। इस केंद्र का आधिकारिक तौर पर उद्घाटन विदेश राज्य मंत्री विजय कुमार सिंह ने अक्तूबर 2017 में किया था, लेकिन यहां कक्षाएं महज पांच महीने पहले ही लगनी शुरू हुई थी।
बस्ती के आसपास के गरीब समुदाय के सदस्यों को यहां बुनियादी कंप्यूटर प्रशिक्षण दिया जाता है। यह बस्ती 1904 में मोहनदास करमचंद गांधी ने बसाई थी। छह हथियारों से लैस छह संदिग्धों ने एक सुरक्षा कर्मी को बंधक बनाकर एक वैन में 29 कंप्यूटर लेकर फरार हो गए थे। इनमें भारत सरकार द्वारा मुहैया कराए गए 20 कंप्यूटर भी शामिल हैं।
फीनिक्स सेटलमेंट ट्रस्ट के न्यासी एवं महात्मा के परपोते किदार रामगोबिन ने बताया कि इस घटना में किसी को कोई चोट नहीं आई हैं। संस्थान में चोरी होने की यह पहली घटना है। उन्होंने बताया कि केंद्र में भामभाई समुदाय को कंप्यूटर प्रशिक्षण दिया जाता है। कम फीस और इसके सरल नियमों के कारण दूर रहने वाले विद्यार्थी भी यहां आते हैं।