कैलिफोर्निया से साइबर अटैक का मामला सामने आया है। यहां एक आपराधिक समूह द्वारा संयुक्त राज्य अमेरिका के सबसे बड़े स्कूल व अन्य संस्थानों के कंप्यूटर सिस्टम से डाटा हैक किया गया है। इतना ही नहीं अपराधियों ने धमकी भी दी है कि यदि उन्हें 40 मिलियन की फिरौती नहीं दी गई तो वह चोरी किए गए फाइलों के डाटा को मिटा देंगे। इतना ही नहीं उन्होंने छात्र और कर्मचारियों की व्यक्तिगत जानकारी को ऑनलाइन पोस्ट करने की धमकी भी दी है।
इधर, कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय ने अपने छात्रों और कर्मचारियों के अलावा सैकड़ों अन्य स्कूलों, सरकारी एजेंसियों और कंपनियों को चेतावनी दी है कि एक रैनसमवेयर समूह ने उनके निजी डाटा को चोरी कर प्रकाशित किया है। विश्वविद्यालय ने बुधवार को एक बयान में कहा, ‘इस साइबर हमले में तृतीय-पक्ष विक्रेता पर अटैक किया गया जिसका उपयोग फाइलों को सुरक्षित रूप से स्थानांतरित करने के लिए किया जाता है।
वहीं, ब्रोवार्ड काउंटी पब्लिक स्कूल ने गुरुवार को एक बयान में कहा कि उसने रैंसमवेयर गिरोह को ब्लैकमेल नहीं किया, जिसने पिछले हफ्ते जिले के साथ ऑनलाइन बातचीत का स्क्रीनशॉट एक स्पष्ट दबाव रणनीति के रूप में पोस्ट किया था, जिसमें व्यक्तिगत जानकारी चोरी होने का कोई संकेत नहीं था।
विश्वविद्यालय ने कहा, ‘हम समझते हैं कि इस हमले के पीछे के लोगों ने व्यक्तिगत जानकारी के ऑनलाइन स्क्रीनशॉट प्रकाशित किए हैं। हैकर्स बड़े पैमाने पर धमकी भरे ईमेल भेज रहे हैं, जिससे डेटा प्रकाशित करने की धमकी दी जा रही है।’ घटना की जांच जारी है। हैकर्स को फिरौती की रकम नहीं दी जाएगी। बयान में कहा गया कि साइबर हमले ने विश्वविद्यालयों, सरकारी संस्थानों और निजी कंपनियों सहित लगभग तीन सौ संगठनों को प्रभावित किया है। फिलहाल साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ हैकर्स द्वारा प्रभावित किए गए सभी प्रणालियों को बहाल करने के प्रयास कर रहे हैं।
स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ मेडिसिन और न्यूयॉर्क शहर में येशीवा विश्वविद्यालय सहित अन्य स्कूलों ने बताया है कि छात्रों का निजी डाटा और कर्मचारी सामाजिक सुरक्षा नंबर व वित्तीय जानकारी चुराए गए और बाद में इनमें से कुछ जानकारी ऑनलाइन पोस्ट कर दी गई।