ग्रेट ब्रिटेन की सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को उबर ड्राइवरों के पक्ष में बड़ा फैसला दिया। कोर्ट ने उन्हें ड्राइवर माना है, न कि स्वरोजगार करने वाले। इससे ड्राइवर न्यूनतम वेतन पाने व छुट्टियों के हकदार हो गए हैं। विश्व के कई देशों में कारोबार करने वाली इस कंपनी को फैसले से झटका लगा है।
सुप्रीम कोर्ट की सात सदस्यीय पीठ ने निचली कोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली उबर की याचिका खारिज कर दी। ब्रिटिश सुप्रीम कोर्ट के जज निकालस हेंबलेन ने सुनवाई के सीधे प्रसारण के दौरान संक्षेप में निर्णय पढ़ते हुए कहा कि इस बारे में एक रोजगार प्राधिकरण द्वारा पूर्व में दो ड्राइवरों की याचिका पर सुनाया गया निर्णय सही है।
कोर्ट ने कहा कि दोनों उबर ड्राइवर ब्रिटिश कानून के अनुसार श्रमिक हैं, इसलिए वे सवैतनिक अवकाश व न्यूनतम वेतन के पात्र हैं। ड्राइवरों को श्रमिक मानते हुए कहा कि ड्राइवर एक तरह से अधीनस्थ कर्मचारी हैं और उबर पर निर्भर हैं। उन्हें अपनी योग्यता व आर्थिक स्थिति और पेशेवर व उद्यम कौशल संवारने के बहुत कम अवसर हैं।
उबर ने यह कह कहा था
बहुराष्ट्रीय कंपनी उबर की ओर से शीर्ष कोर्ट में कहा गया था कि उक्त दोनों ड्राइवर स्वतंत्र अनुबंधनकर्ता थे। ब्रिटेन में कंपनी के ऐसे 65 हजार ड्राइवर हैं। सुप्रीम कोर्ट के साथ ही ब्रिटेन में उबर ड्राइवरों को लेकर लंबी कानूनी लड़ाई खत्म हो गई है। इस फैसले से उबर पर आर्थिक बोझ बढ़ सकता है।