अमेरिका में श्वेत चरमपंथ का खतरा लगातार गंभीर होता जा रहा है। ये चेतावनी अमेरिकी कांग्रेस (संसद) की उग्रवादी हिंसा की जांच करने वाली समिति के प्रमुख ने दी है। उन्होंने कहा है कि अगर इसका प्रभावी ढंग से मुकाबला नहीं किया गया, तो ये खतरा बढ़ता ही जाएगा।
अमेरिकी संसद के निचले सदन हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव के सदस्य मार्क टेकानो ने कहा है कि जिस संख्या में लोग हिंसक दक्षिणपंथी समूहों से जुड़ रहे हैं, वह बेहद चिंताजनक है। उन्होंने अखबार द गार्जियन को दिए एक इंटरव्यू में बताया कि पिछले साल छह जनवरी को कैपिटल हिल (संसद भवन) पर पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समर्थकों के हमले की घटना के बाद ऐसे लोगों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है।
विश्लेषकों के मुताबिक तमाम आंकड़े बताते हैं कि अमेरिका में हिंसक हमलों का ज्यादातर खतरा श्वेत चरमपंथी समूहों की तरफ से ही है। उदारवादी या इस्लामी चरमपंथियों की तरफ से पेश आने वाले खतरों की तुलना में यह खतरा कई गुना ज्यादा है। पिछले साल जारी एक जांच रिपोर्ट में भी ये बात कही गई थी। उस रिपोर्ट में कहा गया था- 2019 में हुई कुल हिंसक घटनाओं में दो तिहाई दक्षिणपंथी समूहों की तरफ से हुई। 2020 में एक जनवरी से आठ मई तक के आंकड़ों से जाहिर हुआ कि ये संख्या 90 फीसदी अधिक रही।
इन आंकड़ों के बावजूद रिपब्लिकन पार्टी के नेताओं में दक्षिणपंथी समूहों के प्रति हमदर्दी देखने को मिलती रही है। टेकानो ने इंटरव्यू में बताया कि उनके नेतृत्व वाली संसदीय समिति के दो रिपब्लिकन सदस्यों ने इस जांच से खुद को अलग कर लिया है। बीते अक्तूबर में हुई सुनवाई के दौरान उन सदस्यों ने बुलाए गए गवाहों से सवाल पूछने से इनकार कर दिया।