पेट्रोलियम पदार्थों के दाम में की गई ताजा बढ़ोतरी से पाकिस्तान में आमजन में गुस्सा भड़क उठा है। विपक्षी दलों ने भी सरकार की इस दलील को स्वीकार करने से इनकार कर दिया है कि उसके पास दाम बढ़ाने के अलावा कोई और चारा नहीं था। सरकार ने इस बढ़ोतरी के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के लगातार बढ़ रहे दाम को कारण बताया है।
विपक्षी दलों ने सरकार पर बेरहमी का आरोप लगाया है। पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो ने पेट्रोलियम के दाम बढ़ाने के ताजा फैसले को आम जनता पर इमरान खान सरकार की बमबारी बताया है। उन्होंने कहा कि देश पहले से ही महंगाई और बेरोजगारी की गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है। ऐसे में पेट्रोलियम पदार्थों को और महंगा करना लोगों की जिंदगी को और मुहाल कर देना है।
पाकिस्तानी अखबारों में छपी खबरों के मुताबिक पेट्रोलियम के दाम में ताजा इजाफे से विपक्ष को सरकार के खिलाफ जारी उसकी मुहिम में एक और मुद्दा मिल गया है। विपक्ष पहले ही सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की घोषणा कर चुका है। उसके अलावा पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी 27 फरवरी से सरकार के खिलाफ ‘लॉन्ग मार्च’ का आयोजन करने जा रही है। बिलावल भुट्टो ने कहा है कि इमरान खान सरकार अब अपने आखिरी दिनों में है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे 27 मार्च से शुरू हो रहे लॉन्ग मार्च में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लें।
पेट्रोलियम के दाम बढ़ाने के फैसले पर पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने भी कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है, जो अभी लंदन में रहकर अपना इलाज करवा रहे हैं। एक ट्विट में उन्होंने कहा- ‘इस सरकार का हर कदम एक नए विनाश का संदेश लेकर आता है। पेट्रोलियम पदार्थों की कीमत में प्रति लीटर 12 रुपये की बढ़ोतरी लोगों को कुचल देने जैसा है। इस सरकार के हर समर्थक को यह अब समझना चाहिए कि उन्होंने कैसे अत्याचारी के हाथ में पाकिस्तान को सौंप दिया है।’