1. गरीब देशों की आबादी में इजाफा अधिक
रिपोर्ट में कहा गया कि दुनिया के गरीब देशों में आबादी बढ़ने की दर सबसे तेज रहेगी। बढ़ती जनसंख्या इन देशों के लिए गरीबी को कम करने में बड़ी चुनौती बनेगी और भुखमरी, कुपोषण जैसे हालात बढ़ेंगे। साथ ही यहां के लोग अपनी औसत आयु से से सात साल कम जी पाएंगे।
2. बूढ़ी आबादी तेजी से बढ़ रही
जीवन प्रत्याशा बढ़ने और प्रजनन का दर में गिरावट के कारण बूढ़ी आबादी तेजी से बढ़ रही है। 2050 में हर छह में एक व्यक्ति उम्र 65 या उससे अधिक होगी। इस कारण आबादी तो बढ़ रही है लेकिन जनसंख्या का आकार ठीक नहीं होने के कारण सतत विकास के लक्ष्याें को हासिल करना मुश्किल हो रहा है। 65 साल का आयु वर्ग दुनियाभर में तेजी से बढ़ रहा है।
3. पेशेवर जनसंख्या में कमी से समाज पर दबाव बढ़ेगा
रिपोर्ट के मुताबिक कामकाजी आयुवर्ग यानी 24-50 के बीच की संख्या बूढ़ी आबादी (65 से अधिक आयु वाले) की तुलना में कम हो रही है, इस कारण समाजिक ढांचे पर दबाव बढ़ रहा है। ऐसे में लोगों की निर्भरता भी सरकार पर बढ़ रही है और आर्थिक ढांचे पर असर पड़ रहा है।