आम आदमी के अंतरिक्ष के सफर पर एक दिन नैनीताल-मसूरी तक छुट्टियां बिताने की तर्ज पर घूमने जाने का रास्ता साफ हो गया है। अमेरिकी निजी कंपनी स्पेस एक्स के नए क्रू कैप्सूल ने फ्लोरिडा स्थित नसा के कैनेडी स्पेस सेंटर से उड़ान भरने के एक ही दिन में अंतरिक्ष स्टेशन तक पहुंचकर मील का नया पत्थर स्थापित कर दिया है। इस ड्रैगन कैप्सूल को व्यवसायिक (बस-ट्रेन की तर्ज वाली) उड़ान शुरू करने की पहली पायदान माना जा रहा है। शनिवार को उड़ान भरने के बाद यह ड्रैगन कैप्सूल रविवार की सुबह अमेरिकी समय के मुताबिक 6 बजे अंतरिक्ष स्टेशन आईएसएस से जाकर जुड़ गया।
इसी के साथ 8 साल बाद किसी अमेरिकी यान ने इस अंतरिक्ष स्टेशन पर कदम रखा। बता दें कि अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने आखिरी बार 2011 में अंतरिक्ष में किसी इनसान को भेजा था। इस 27 फुट लंबे क्रू कैप्सूल के अंतरिक्ष स्टेशन से जुड़ने तक वहां मौजूद तीनों अंतरिक्ष यात्री दम साधे सारी प्रक्रिया देखते रहे। तकरीबन दो घंटे बाद उन्होंने इस कैप्सूल में ऑक्सीजन मास्क व अंतरिक्ष पोशाक पहनकर प्रवेश किया और वहां की हवा के नमूने लिए। पूरी तरह संतुष्ट होने के बाद उन्होंने अपना मास्क व पोशाक उतार दिए।
इस कैप्सूल में फिलहाल किसी इनसान के बजाय एक डमी को भेजा गया था। वर्ष 1979 की हॉलीवुड फिल्म ‘एलियन’ के नाम पर इस डमी का नाम ‘रिपले’ रखा गया है। इस इंसानी नमूने में सेंसर लगाए गए हैं, जिससे पता चलेगा कि अंतरिक्ष में सैर करने वाले लोगों को किस तरह के हालातों का सामना करना पड़ सकता है। यह क्रू कैप्सूल अगले 5 दिन तक अंतरिक्ष स्टेशन में रहकर डाटा एकत्र करेगा।
इसके बाद स्पेस एक्स इस साल गर्मी में नासा के व्यवसायिक क्रू प्रोग्राम के तहत दो सामान्य लोगों को अंतरिक्ष यात्रियों के तौर पर लेकर उड़ान भर सकता है। ये दोनों अंतरिक्ष यात्री डग हर्ले और बॉब बेहनकन भी इस सारे अभियान के दौरान कैलिफोर्निया स्थित स्पेस एक्स मिशन कंट्रोल में इस सारी गतिविधि को देख रहे थे। स्पेस एक्स के संस्थापक एलन मस्क ने भी इसे अंतरिक्ष के वाणिज्यिक टूरिज्म की दिशा में पहला कदम बताया है।