यात्रियों को लेकर मनाडो जा रहे इंडोनेशियाई जहाज में लगी आग पर काबू पा लिया गया है। इसके अलावा बचाव दलों ने 568 यात्रियों को बचा लिया है। जबकि तीन यात्रियों की मौत हो गई। रविवार को उत्तरी सुलावेसी में तालिस द्वीप के पास इंडोनेशियाई जहाज में आग लग गई थी। इस दौरान कुछ यात्री बचने के लिए समुद्र में भी कूद गए थे।
मनाडो नौसेना बेस के प्रमुख प्रथम एडमिरल फ्रैंकी पासुना सिहोम्बिंग ने कहा कि जहाज केएम बार्सिलोना 5 में रविवार दोपहर के समय आग लग गई, मनाडो की ओर जा रहा था। यह जहाज सुलावेसी के तालिस द्वीप जिले में मेलोंगुआने बंदरगाह से आगे बढ़ चुका था। अचानक जहाज के पिछले हिस्से में आग लग गई। जहाज में सवार यात्री जान बचाने के लिए समुद्र में कूदने लगे।
सिहोम्बिंग ने बताया कि बचाव अभियान में एक तटरक्षक जहाज, छह बचाव पोत और कई नावें लगाई गईं। बचावकर्मियों ने कई लोगों को समुद्र से निकालकर पास के द्वीपों पर पहुंचाया और स्थानीय मछुआरों ने भी कुछ जीवित बचे लोगों को लाइफ जैकेट पहनकर बचाया, जो लहरों के बीच फंसे थे।
सिहोम्बिंग ने बताया कि जहाज के पिछले हिस्से में लगी आग एक घंटे के भीतर बुझा दी गई। जहाज की सूची में शुरुआत में केवल 280 यात्री और 15 चालक दल के सदस्य दर्ज थे, लेकिन बचाव दल ने 568 जीवित बचे लोगों को बचा लिया। एक गर्भवती महिला सहित तीन शव बरामद किए गए हैं। खोज और बचाव अभियान जारी है, हालांकि अभी तक किसी के लापता होने की तत्काल कोई सूचना नहीं है।
अधिकारियों ने पहले कहा था कि हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई है, लेकिन बचाव एजेंसी ने सोमवार को यह संख्या तीन कर दी। जिन दो यात्रियों को पहले मृत बताया गया था, उनको अस्पताल में बचा लिया गया। इसमें एक दो महीने का बच्चा भी शामिल था, जिसके फेफड़ों में समुद्र का पानी भर गया था। सिहोम्बिंग ने बताया कि जहाज में यात्रियों की संख्या का विवरण सूची से अलग होना आम बात है। यह दुर्घटनाओं को बढ़ावा दे सकता है और खोज एवं बचाव कार्यों को कठिन बना सकता है। जहाज की क्षमता 600 लोगों की है।
इंडोनेशिया में 17000 से अधिक द्वीपसमूह हैं, यहां यात्रा का एक आम साधन नौकाएं हैं। यहां अक्सर हादसे होते रहते हैं। इसके लिए अक्सर कमजोर सुरक्षा व्यवस्था को जिम्मेदार ठहराया जाता है।