इंडोनेशिया दुनिया का सबसे बड़ा मुस्लिम आबादी वाला देश है, जहां अचानक से मिडिल क्लास वर्ग की आबादी बढ़ने लगी। आइए जानते हैं इंडोनेशिया कैसे अचानक दौलतमंद देश बन गया।
फ्रिज के दरवाजे पर लगा रंग-बिरंगा निमंत्रण बताता है कि ये कोई डॉग-थीम बर्थडे पार्टी होगी। मुझे लगा 'ये कितना प्यारा है' और कितना अलग भी। हालांकि इस देश में कुत्तों को ज्यादा पसंद नहीं किया जाता और न कोई उनकी खास देखभाल करता है।
लेकिन ये कोई हैरानी वाली बात नहीं है। एक परिवार ने अपनी छह साल की बेटी का जन्मदिन मनाने के लिए एक खाली जमीन के टुकड़े को एक दिन के लिए मेन्टेंग के एक पार्क के टुकड़े में बदल दिया था, जो जकार्ता का सबसे महंगा इलाका है।
सिक्योरिटी गार्ड गली के बाहर हमें एक दूसरी दुनिया में ले गए। असली घास को समतल किया हुआ था, पथरीले जंगल में ऐसी घास होना अविश्वसनीय लग रहा था। वहां अच्छे-खासे बड़े-बड़े पेड़ भी थे और कुत्तों के खेलने के लिए एक जगह बनाई हुई थी।
एक कोना कुत्तों को संवारने के लिए रखा गया था, जहां कुत्तों की मालिश हो रही थी, नहलाया जा रहा था। दूसरे कोने में परिवार वालों के लिए वातानुकूलित आरामदायक टेंट लगा हुआ था जहां ताजा बनी हुई कॉफी और दोपहर बाद शराब पी सकते हैं। यहां शराब महंगी है क्योंकि उसपर टैक्स लगता है।
विपरीत परिस्थिति
पार्क को बीचोबीच कुत्ते के डिजाइन वाले गुब्बारों से सजाया गया था। पार्टी अक्तूबर में हुई थी। और मैं सेलावेली द्वीप के पालू शहर पर आई विनाशकारी बाढ़ और भूकंप की रिपोर्टिंग करके लौटी थी। जो बहुत अजीब और मेरे लिए मुश्किल परिस्थिति थी। "आप यहां से कहां जा रहे हैं? मैंने पार्टी में शामिल हुए पेरेंट्स में से एक के कान में पूछा। अगर ये पार्टी आपने की है तो 18 वें जन्मदिन की पार्टी कैसी होगी?" उन्होंने जवाब दिया, "ये जो बच्चे पूछ रहे हैं वो नहीं है बल्कि ये पेरंट्स के लिए है।"
पार्टी से जाने पर मुझे रिटर्निंग गिफ्ट बैग मिला जो मेरे लाए हुए गिफ्ट बैग से तीन गुना बड़ा था। मुझे नहीं पता मैं अभी भी हैरान क्यों हूँ? इस तरह की पार्टी इंडोनेशिया में हाई क्लास के बच्चों के लिए आम बात बन गई है, जिनके साथ मेरे बच्चे स्कूल जाते हैं।