जापान में अगले सप्ताह होने वाली क्वाड देशों की मंत्रिस्तरीय बैठक से ठीक पहले ट्रंप प्रशासन ने कहा है कि इस समूह का मकसद हिंद-प्रशांत क्षेत्र को चीनी आक्रामकता से सुरक्षित करना है। अमेरिकी सहायक विदेश मंत्री डेविड स्टिलवेल ने यह जानकारी देते हुए बताया कि क्वाड देशों में भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान का एक रणनीतिक समूह शामिल है।
क्वाड की दूसरी बैठक छह अक्तूबर को टोक्यो में होने वाली है, जिसमें विभिन्न चुनौतियों से निपटने के लिए समन्वित कदमों की जरूर पर चर्चा होगी। भारत की तरफ से विदेश मंत्री एस. जयशंकर और अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो इसमें शामिल होंगे।
इस समूह की पिछली बैठक न्यूयॉर्क में आयोजित हो चुकी है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मॉर्गन ऑर्टेगस ने कहा, यह बैठक अमेरिका और उसके सहयोगियों के बीच मजबूत साझेदारी को दर्शाती है।
साथ ही द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों की पूरी श्रृंखला पर किए जा रहे अच्छे काम को जारी रखने के लिए प्रतिबद्धता का प्रदर्शन भी बैठक में होगा। बता दें कि 2007 जापान के पीएम शिंजो आबे द्वारा रखे गए क्वाड प्रस्ताव को भारत, अमेरिका व ऑस्ट्रेलिया ने समर्थन दिया था जिसे 2017 में एक बार फिर मजबूती मिली और 2019 में विदेश मंत्रियों की बैठक हुई।