अमेरिका के टेक्सस की गोलीबारी में 22 लोगों की जान लेने वाले आरोपी शख्स ने अधिकारियों को बताया कि वह केवल मैक्सिकन लोगों को निशाना बना रहा था। पुलिस के मुताबिक गोलीबारी के दौरान अधिकारियों से सामने आत्मसमर्पण करते हुए उसने इस बात को कबूल किया था।
अमेरिकी मीडिया ने शुक्रवार को एक हलफनामे के अनुसार लिखा कि 21 साल के आरोपी पैट्रिक क्रूसियस को तीन अगस्त को सीमावर्ती शहर एल पासो में हुए हमले के बाद उसे अधिकारियों द्वारा चौराहे पर पकड़ा गया। जिसके बाद उसने चिल्ला-चिल्ला कर अधिकारियों से कहा कि मैं शूटर हूं।
हिरासत के बाद उसने कबूल किया कि वह स्टोर में राइफल और गोला-बारूद के साथ दाखिल हुआ था।
जासूस एड्रियन गार्सिया के दस्तावेजों के अनुसार आरोपी ने कहा कि उसने स्टोर में दाखिल होते ही अपनी एके-47 से मासूम लोगों पर लगातार गोलियां बरसाईं। एड्रियन ने मीडिया को बताया कि आरोपी केवल मैक्सिकन लोगों को निशाना बना रहा था।
आरोपी डलास के एलन का रहने वाला था। वह वहां से 10 घंटे का सफर तय करके मैक्सिको की सीमा से सटे एल पासो पहुंचा। जहां उसने गोलीबारी को अंजाम दिया।
एल पासो में हुई इस घटना में 22 लोगों की मौत हुई थी और 20 लोग घायल हुए थे। मारे गए लोगों में आठ लोग मैक्सिकन थे।
एल पासो के निवासियों, प्रदर्शनकारियों और डेमोक्रेट्स ने इस घटना के लिए राष्ट्रपति ट्रंप को प्रवासी लोगों के खिलाफ दिए गए भाषणों को दोषी ठहराया है। लोगों ने पूरे देश में राजनीतिक और नस्लीय तनाव के लिए ट्रंप को जिम्मेदार ठहराया है।