पहले जानें- टेक्सास में कार्यक्रम में टेस्ला रोडस्टर को लेकर क्या बताया गया?
टेक्सास के मैकग्रेगर स्थित स्पेसएक्स की रॉकेट टेस्ट फैसिलिटी में आयोजित कार्यक्रम में टेस्ला रोडस्टर की नई पीढ़ी का अनावरण किया गया। इस लाइव-स्ट्रीम कार्यक्रम के दौरान कार की क्षमताओं और तकनीकी विशेषताओं के बारे में कई खुलासे किए गए।
1. उड़ान और कलाबाजियों की क्षमता
- प्रदर्शन के दौरान बिना ड्राइवर वाली रोडस्टर एक बड़े घुमावदार रैंप पर चढ़कर उल्टी चली और फिर हवा में छलांग लगा कर उड़ती दिखाई दी।
- हवा में 180-डिग्री का फ्लिप करने के बाद कार थ्रस्टर्स की मदद से सुरक्षित रूप से जमीन पर उतरी। किसी हादसे से बचने के लिए इसमें इंसानी ड्राइवर नहीं रखा गया।
2. रफ्तार और प्रदर्शन
- कार एक सेकंड से भी कम समय में (प्रदर्शन में 0.81 सेकंड) 0 से 60 मील प्रतिघंटे (96 किमी प्रतिघंटे) की रफ्तार पकड़ सकती है।
- इसकी टॉप स्पीड 230 मील प्रतिघंटा (370 किमी/घंटा) से ज्यादा बताई गई है। यानी यह एक रेसिंग कार के बराबर ताकतवर होगी।
- इसमें 1,341 हॉर्सपावर (एक मेगावॉट से अधिक) पावर है और इसे एक फुल चार्ज में 300 मील (करीब 483 किमी) तक चलाने की क्षमता होगी।
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टेस्ला की रोडस्टर कार।
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3. उत्पादन, वेरिएंट्स और भविष्य की योजनाएं
- टेस्ला के मुताबिक, इसका उत्पादन 2028 में शुरू होने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि, आम लोगों के हाथों में यह कब तक आएगी, यह अभी तय नहीं है।
- मस्क के मुताबिक, भविष्य में यह टेस्ला की एकमात्र ऐसी कार होगी जिसे इंसान खुद चलाएगा, जबकि अन्य सभी मॉडल स्वचालित होंगे।
- कार के तीन वैरिएंट्स बताए गए हैं- परफॉर्मेंस, थ्रस्ट (थ्रस्टर्स के साथ) और रॉकेट। रॉकेट वर्जन सिर्फ विशेष निमंत्रण पर उपलब्ध होगा।
टेस्ला की फ्लाइंग कार की किन बातों का अभी नहीं हुआ खुलासा?
टेक्सास में आयोजित इवेंट के दौरान टेस्ला रोडस्टर की क्षमताओं का भव्य प्रदर्शन किया गया, लेकिन कई महत्वपूर्ण तकनीकी, व्यावसायिक और विनियामक विवरणों को नहीं दर्शाया गया या स्पष्ट नहीं किया गया।
क्या है स्पेसएक्स की वह तकनीक, जिसे मस्क ने टेस्ला में इस्तेमाल किया?
टेस्ला रोडस्टर की हवा में उठने और पैंतरेबाजी करने की क्षमता टेस्ला और एलन मस्क की एयरोस्पेस कंपनी स्पेसएक्स के संयुक्त सहयोग से विकसित तकनीक पर आधारित है। आइये जानते हैं कैसे कार उड़ान भरती है।
1. कोल्ड-गैस थ्रस्टर्स
यह कार पारंपरिक रॉकेट ईंधन जलाने के बजाय कोल्ड-गैस थ्रस्टर सिस्टम का इस्तेमाल करती है। इसमें अत्यधिक दबाव वाली कंप्रेस्ड नाइट्रोजन गैस को थ्रस्टर नोजल से तेजी से बाहर निकाला जाता है, जिससे मिलने वाला बल गाड़ी को हवा में उठाता और नियंत्रित करता है।
2. 600 लीटर के हाई-प्रेशर टैंक
गाड़ी में कंप्रेस्ड नाइट्रोजन गैस को स्टोर करने के लिए कुल 600 लीटर क्षमता वाले कार्बन-ओवररैप्ड प्रेशर वेसल्स (सीओपीवी) लगाए गए हैं, जो 10,000 पीएसआई (पाउंड प्रति वर्ग इंच) तक का अत्यधिक दबाव संभाल सकते हैं।
3. 10 नोजल्स का सिस्टम
गाड़ी के चारों तरफ (कोनों पर और आगे) कुल 10 थ्रस्टर नोजल्स दिए गए हैं। ये थ्रस्टर्स कार को हवा में उठाने, दिशा बदलने, 180-डिग्री रोल करने और लैंडिंग के समय नीचे उतरने की गति को नियंत्रित करने का काम करते हैं।
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टेस्ला रोडस्टर के पीछे की तकनीक
- फोटो : amarujala.com
4. लाइसेंसिंग और बीमा का पेच
- टेस्ला की इस कार को लेकर एक दुविधा की स्थिति इसके थ्रस्टर्स और हवाई उड़ान लेकर है। इस खास तकनीक के लिए साधारण ड्राइविंग लाइसेंस काफी होगा या विशेष ट्रेनिंग व पायलट लाइसेंस की जरूरत होगी, यह तय नहीं है।
- सामान्य मोटर बीमा आमतौर पर सड़क पर हुए हादसों को कवर करता है। ऐसे में एक कौतूहल हवा में किए जाने वाले स्टंट या थ्रस्टर से होने वाले नुकसान को कवर करने पर है। इससे इंश्योरेंस क्लेम मिलेगा या नहीं, इस पर भी पेच है।
5. अंतरराष्ट्रीय बाजारों में स्थानीय नियम
चीन और भारत जैसे बाजारों में बुकिंग शुरू की गई है, लेकिन टेस्ला ने साफ किया है कि डिलीवरी पूरी तरह से स्थानीय देशों के मोटर वाहन विभाग और क्षेत्रीय नियमों की मंजूरी मिलने पर ही निर्भर करेगी।
क्या टेस्ला की फ्लाइंग कार दुनिया की पहली उड़ने वाली कार होगी?
नहीं, टेस्ला की रोडस्टर दुनिया की पहली उड़ने वाली कार नहीं होगी। इसका पहला प्रोटोटाइप 1917 में ही पेश हो चुका है। तब विमानन क्षेत्र में काम करने वाले ग्लेन कर्टिस ने दुनिया को इसका शुरुआती स्वरूप दिखाया था। हालांकि, एक पूरा उड़ने वाला वर्जन लंबे समय तक सच नहीं हो सका।
करीब 102 साल बाद अमेरिका के कैलिफोर्निया स्थित कंपनी एलेफ (Alef) ने 2019 में अपनी फ्लाइंग कार का प्रोटोटाइप बनाया था और 2023 में उसे अमेरिकी एफएए से विशेष एयरवर्दिनेस सर्टिफिकेशन भी मिल चुका है। एलेफ के सीईओ जिम दुकोवनी के मुताबिक, टेस्ला रोडस्टर इस रेस में शामिल होने वाली इतिहास की दूसरी फ्लाइंग कार होगी।
शुरुआती जानकारी के मुताबिक, टेस्ला रोडस्टर वास्तव में एक पारंपरिक विमान या उड़ने वाली कार की तरह लगातार हवा में उड़ने के लिए नहीं बनी है। यह स्पेसएक्स के कोल्ड-गैस थ्रस्टर्स के दम पर हवा में केवल संक्षिप्त उछाल और 180-डिग्री रोल जैसे स्टंट करने में सक्षम दिखी है। इसके उलट एलेफ जैसी कारें इलेक्ट्रिक प्रोपल्शन की मदद से हवा में लंबी उड़ान भर सकती हैं।
इसके चलते ही अमेरिकी फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (एफएए) ने भी साफ किया है कि टेस्ला रोडस्टर उनके एयरक्राफ्ट के मानकों को पूरा नहीं करती है, इसलिए इसे विमान का प्रमाण-पत्र नहीं दिया जाएगा, जबकि एलेफ की लंबी उड़ानों की वजह से उसे पहले ही यह लाइसेंस मिल चुका है।