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यूएनएसी में भारत ने कहा- 'अफगानिस्तान में शांति प्रक्रिया को बाधित कर रहे पाकिस्तान में पल रहे आतंकवादी समूह'

Thu, 11 Feb 2021 12:13 AM IST
Jeet Kumar वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क
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भारत के स्थायी प्रतिनिधि टीएस तिरुमूर्ति - फोटो : ani
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आतंकवाद को लेकर भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में कड़ी प्रतिक्रिया दी है। यूएनएससी में शांति और सुरक्षा कारणों पर बोलते हुए भारत के स्थायी प्रतिनिधि टीएस तिरुमूर्ति ने कहा कि 'यह निर्विवाद तथ्य है कि आतंकवाद मानव जाति के लिए सबसे बड़ा खतरा बना हुआ है। आतंकवाद न केवल मानव जीवन को गंभीर रूप से प्रभावित करता है, बल्कि मानवता की नींव को भी समाप्त कर देता है।'

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भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में पाकिस्तान पर तीखा हमला करते हुए कहा कि 'इस्लामाबाद, अल-कायदा, इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक और लेवंत जैसे आतंकी समूहों के जरिए हिंसक हमलों को अंजाम देकर अफगानिस्तान में शांति प्रक्रिया को बाधित कर रहा है।' 

साथ ही पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए टीएस तिरुमूर्ति ने कहा कि यह आवश्यक है कि हम उस सहजता को न खोएं जिसके साथ हक्कानी नेटवर्क और उसके समर्थकों, विशेष रूप से पाकिस्तानी अधिकारियों ने दक्षिण एशिया में अल-कायदा, आईएसआईएल के, तहरीक-तालिबान पाकिस्तान आदि जैसे प्रमुख आतंकवादी संगठन के साथ काम किया है। आगे कहा कि सोशल मीडिया ने युवाओं के कट्टरता और आतंकवाद में शामिल होने में योगदान दिया।
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टीएस तिरुमूर्ति ने कहा कि 'दुनिया इस बात से पूरी तरह वाकिफ है कि ये समूह पाकिस्तान में सुरक्षित ठिकानों से आतंकवादी गतिविधियों को भी अंजाम देता है, जिसमें अफगानिस्तान में हिंसक हमलों के माध्यम से शांति प्रक्रिया को बाधित करना भी शामिल है। हम यह भी कह रहे हैं कि विशेष रूप से कुनार और नंगरहार प्रांतों में अफगानिस्तान के लिए डुरंड रेखा पर अफगानिस्तान में आतंकी समूहों के स्थानांतरण देखे जा रहे हैं।'


तिरुमूर्ति ने जनवरी में संसद में  विदेश मंत्री एस जयशंकर के बयान को दोहराया, जिसमें उन्होंने राजनैतिक इच्छाशक्ति की बात कही थी। साथ विदेश मंत्री ने आतंकवाद पर कड़ी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा था कि 'आतंकवाद का समर्थन मत करो, आतंकवादियों का महिमामंडन मत करो। आतंकवादी, आतंकवादी हैं। कोई अच्छा या बुरा भेद नहीं बनाया जा सकता।'

भारतीय दूत टीएस तिरुमूर्ति ने आगे कहा कि संयुक्त राष्ट्र के तत्वावधान में आतंकवाद-विरोधी सहयोग का भारत समर्थन करता है। साथ ही कहा कि भारत आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक प्रयासों में सबसे आगे रहा है, उसने अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद के खिलाफ सभी प्रमुख वैश्विक पहलों में भाग लिया है। 
 

भारत ने यूएन चीफ की रिपोर्ट के बहाने बोला पाक पर हमला
भारत ने बुधवार को संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरस की वैश्विक आतंकवाद पर आधारित 12वीं रिपोर्ट के जरिये पाकिस्तान पर हमला बोला।

भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) की बैठक में कहा कि आईएसआईएस पर आधारित यूएन चीफ की रिपोर्ट में लश्कर-ए-ताइबा और जैश-ए-मोहम्मद की आतंकी गतिविधियां भी शामिल की जानी चाहिए थीं, जो पाकिस्तान में आतंकियों की ‘सुरक्षित जन्नत’ से हमले की साजिश रचते हैं। 

यूएनएससी ने ‘अंतरराष्ट्रीय शांति व सुरक्षा को आतंकी हरकतों के कारण खतरा’ विषय पर आयोजित बैठक में यूएन महासचिव की 12वीं रिपोर्ट को स्वीकार किया, जिसमें आईएसआईएल (दायश) को अंतरराष्ट्रीय शांति व सुरक्षा के लिए खतरा बताया गया है। 

शिहाब है भारत में आईएस अभियानों का मुखिया
यूएन चीफ की रिपोर्ट में कहा गया है कि इराक में आईएस और अफगानिस्तान में लेवांत-खोरासान (आईएसआईएल-के) के 1000 से 220 लड़ाके विभिन्न प्रांतों में सक्रिय हैं और भविष्य में भी काबुल और प्रांतीय राजधानियों को हमले का लक्ष्य बनाते रहेंगे।

जून, 2020 में इस समूह का नया नेता घोषित किया गया शिहाब अल-मुहाजिर अफगानिस्तान, बांग्लादेश, भारत, मालदीव, पाकिस्तान, श्रीलंका और मध्य एशिया के देशों में आईएसआईएल के अभियानों का मुखिया है।

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रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि शिहाब पहले हक्कानी नेटवर्क से जुड़ा हुआ था और उसने उनके साथ पारिवारिक रिश्ते भी बनाए हुए हैं। शिहाब पहले अफगानिस्तान-पाकिस्तान क्षेत्र में अलकायदा कमांडर के तौर पर भी काम कर चुका है।

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