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पाकिस्तान ग्रे सूची में रहेगा या नहीं, एफएटीएफ बीजिंग में करेगा फैसला

Wed, 08 Apr 2020 04:43 AM IST
योगेश साहू वर्ल्ड डेस्क, इस्लामाबाद।
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इमरान कान - फोटो : एएनआई
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वित्तीय कार्यवाही कार्यबल (एफएटीएफ) की जून में होने वाली बैठक के दौरान वह मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकी वित्तपोषण के मामले में पाकिस्तान द्वारा उठाए गए कदमों की समीक्षा करेगा। यह बैठक चीन के बीजिंग में 21 से 26 जून को होगी। बैठक में दुनिया की नजर पाकिस्तान पर होगी, क्योंकि इस संयुक्त बैठक में पाकिस्तान की इस बात पर समीक्षा होगी कि उसे ग्रे सूची में रखा जाए अथवा नहीं।

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एक अधिकारी ने डॉन न्यूज को इस जानकारी की पुष्टि की। इस साल फरवरी में पेरिस में एफएटीएफ के पूर्ण सत्र की बैठक के दौरान पाकिस्तान को लेकर बड़ा फैसला सुनाया गया था। एफएटीएफ ने पाक को ग्रे सूची में बरकरार रखने का फैसला लिया था। इस दौरान आतंकी फंडिंग को लेकर पाकिस्तान को एफएटीएफ की निगरानी सूची में बनाए रखने को कहा गया था।

अब चीन में होने वाली बैठक में इस पर विचार किया जाएगा कि पाकिस्तान ने आतंकवाद के विरुद्ध क्या कदम उठाए। एफएटीएफ ने चार माह की मोहलत देते हुए कहा था कि यदि पाक ने जून 2020 तक आतंकी गतिविधियों को रोकने के लिए बताए गए कदम नहीं उठाए तो उसे ब्लैकलिस्ट (प्रतिबंधित सूची) में डाला जा सकता है। फिलहाल पाक, निगरानी सूची में शामिल है और एफएटीएफ ने 2018 में ही उसे 27 कार्यों की एक सूची सौंपी थी।

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तुर्की के अलावा किसी का नहीं मिला समर्थन

एफएटीएफ की इस बैठक में हिस्सा ले रहे कूटनीतिक सूत्रों ने बताया था कि एफएटीएफ की बैठक में पाकिस्तान को तुर्की के अलावा अन्य किसी भी देश से साफ तौर पर समर्थन नहीं मिला है। यहां तक कि उसके सदाबहार दोस्त चीन ने भी फरवरी-2020 में उसका साथ छोड़ दिया था। मोटे तौर पर सदस्य देशों में यह आम राय थी कि आतंकी गतिविधियों तक फंड प्रवाह रोकने का खतरा पाक में पूरी तरह से बना हुआ है।
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