इस्राइल ने मंगलवार को गाजा पर हवाई हमले कर दो बहुमंजिला इमारतों को निशाना बनाया। उसका मानना था कि वहां उग्रवादी छिपे थे। वहीं हमास और अन्य सशस्त्र समूहों ने दक्षिणी इस्राइल पर सैकड़ों रॉकेट दागे। यरूशलम में हफ्तों के तनाव के बाद यह झड़प हुई है।
रायटर्स के मुताबिक सोमवार शाम से शुरू हुई झड़प में बच्चों और महिला समेत 32 फलस्तीनियों की मौत हुई है। अधिकतर मौत हवाई हमलों से हुई। इस्राइल के भी तीन लोग मारे गए हैं।
वहीं, इस्राइली सेना ने कहा कि मरने वालों में कम से कम 16 उग्रवादी थी। इसी अवधि के दौरान गाजा स्थित उग्रवादियों ने इजराइल की तरफ सैकड़ों रॉकेट दागे जिसमें दो नागरिकों की मौत हो गई जबकि 10 अन्य घायल हो गए।
इस्राइली सेना के मुताबिक उसने गाजा में उग्रवादी संगठन इस्लामिक जिहाद के एक वरिष्ठ कमांडर को मार दिया है। उसने कहा कि मारे गए आतंकी कमांडर की पहचान समीह-अल-मामलुक के तौर पर हुई है जो इस्लामिक जिहाद की रॉकेट इकाई का प्रमुख था। सेना ने कहा कि हमले में उग्रवादी संगठन के अन्य वरिष्ठ उग्रवादी भी मारे गए हैं।
इस्लामिक जिहाद ने गाजा सिटी में एक अपार्टमेंट पर हुए हवाई हमले में तीन लोगों की मौत की पुष्टि की है जो उसकी सशस्त्र शाखा के वरिष्ठ सदस्य थे। उग्रवादी संगठन ने बदला लेने की बात कही है।
वहीं तनाव के और बढ़ने का संकेत देते हुए इस्राइल ने सैन्य अभियान का दायरा बढ़ाने की बात कही है। सेना ने कहा कि वह गाजा सीमा पर अपने सैनिकों की संख्या बढ़ा रही है और रक्षा मंत्री ने 5000 आरक्षित सैनिकों को वहां भेजने का आदेश दिया है।
लॉड में आपातकाल घोषित
वहीं, इस्राइल के शहर लॉड में दंगे और तोड़फोड़ के बाद प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने यहां आपातकाल घोषित कर दिया है। टाइम्स ऑफ इस्राइल के मुताबिक शहर में यहूदियों और अरब मुस्लिमों के बीच दंगा हो गया है। यहां दर्जनों दुकानों और वाहनों को आग लगा दी गई है। भीड़ के हमले के डर से लोगों ने सार्वजनिक स्थानों पर निकलना बंद कर दिया है।
फलस्तीनियों और इस्राइल के सुरक्षा बलों के बीच घंटों झड़प
रात में हुए रॉकेट व हवाई हमले से पहले फलस्तीनियों और इस्राइल के सुरक्षा बलों के बीच घंटों झड़प होती रही। झड़प यरुशलम की अल-अक्सा मस्जिद परिसर में भी हुई जिसे यहूदी और मुसलमान दोनों पवित्र मानते हैं।
बढ़ती अशांति के संकेतों के बीच इस्राइल
में अरब समुदाय के सैकड़ों लोगों ने फलस्तीन के खिलाफ इजराइली बलों की हालिया कार्रवाई की निंदा करते हुए प्रदर्शन किया। इसे हाल के वर्षों में इस्राइल में फलस्तीनी नागरिकों द्वारा सबसे बड़ा प्रदर्शन माना जा रहा है।
इस्राइल और इस्राइल की बर्बादी चाहने वाले इस्लामी आतंकी संगठन हमास ने तीन जंग लड़ीं और गाजा पर आतंकी संगठन के 2007 में हुए कब्जे के बाद से कई बार झड़प भी देखने को मिली। पूर्व में इस्राइल और गाजा पर शासन करने वाले हमास के बीच होने वाला सीमा पार संघर्ष कुछ दिनों बाद समाप्त हो जाता था जिसका कारण अक्सर पर्दे के पीछे से कतर, मिस्र और अन्य देशों द्वारा की जाने वाली मध्यस्थता होती थी।
मिस्र के एक अधिकारी ने पुष्टि की कि उनका देश संघर्ष विराम के लिये प्रयास कर रहा है। संवेदनशील कूटनीति पर चर्चा कर रहे अधिकारी ने नाम न जाहिर करने की मंशा व्यक्त करते हुए कहा कि यरुशलम में इजराइली कार्रवाई ने इन प्रयासों को और जटिल बना दिया है। नाम न जाहिर करने की शर्त पर एक फलस्तीनी सुरक्षा अधिकारी ने भी संघर्ष विराम के प्रयासों की पुष्टि की ।
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोमवार को चेतावनी दी थी कि यह लड़ाई कुछ समय तक जारी रह सकती है।
इजराइल की सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल जोनाथन कॉनरिकस ने मंगलवार को संवाददाताओं को बताया कि सेना गाजा में लक्ष्यों को निशाना बनाने के शुरुआती चरण में है। इन लक्ष्यों को निशाना बनाने की योजना बहुत पहले बना ली गई थी।
गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता अशरफ अल-किदरा ने कहा कि नौ बच्चों और एक महिला समेत कुल 26 लोग इस हमले में मारे गए हैं जबकि 122 अन्य घायल हुए हैं।
गगनचुंबी इमारत को निशाना बनाया
इस्राइली हवाई हमले में गाजा शहर में स्थित एक और गगनचुंबी इमारत को निशाना बनाया गया है। स्थानीय मीडिया में मंगलवार को आयी खबरों के अनुसार, हवाई हमले में इमारत के भीतर मौजूद कई चरमपंथी मारे गए हैं, हालांकि उनकी संख्या ज्ञात नहीं है।
हालांकि, रिमल इलाके में हुए इस हमले से लोग बहुत डरे हुए हैं और सड़कों पर निकल आए। मंगलवार दिन में इस्राइल ने एक गगनचुंबी इमारत को निशाना बनाया, उसका कहना था कि वहां हमास का एक कमांडर छुपा हुआ था।
फलस्तीनी स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि हमले में एक महिला और उसके 19 साल के दिव्यांग बेटे की मौत हो गई। हमास कमांडर के संबंध में फिलहाल कोई जानकारी नहीं है।
सोमवार से गाजा के चरमपंथियों ने भी इस्राइल की ओर सैकड़ों मिसाइल दागे।