ये मामला प्रांत के मीरपुरखास का बताया जा रहा है। डॉक्टर की पहचान रमेश कुमार के तौर पर हुई है। उनके खिलाफ पास की ही मस्जिद के एक इमाम ने मामला दर्ज करवाया है। रमेश पर आरोप है कि उन्होंने कुरान के पन्ने फाड़कर उसमें दवा लपेटकर मरीजों को दी।
मामले पर एसएचओ जाहिद हुसैन लेघरी का कहना है कि डॉक्टर को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ जांच शुरू कर दी गई है। इलाके में सांप्रदायिक तनाव भड़कने के बाद डॉक्टर को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया है।
ईशनिंदा के आरोप में फंसते रहे हैं हिंदू
पाकिस्तान के सिंध प्रांत में बड़ी संख्या में हिंदू रहते हैं। ये हिंदू ईशनिंदा में फंसाए जाने की शिकायत करते रहे हैं। इनका कहना है कि मुस्लिम बहुसंख्यक इन्हें ईशनिंदा के मामलों में निशाना बनाते रहते हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार साल 1987 से 2016 तक पाकिस्तान के ईशनिंदा कानून के तहत 1472 लोगों पर कार्रवाई हुई है।