भ्रष्टाचार और दंगे भड़काने के 12 मामलों में सजा काट रहे पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान ने लगातार तीसरी बार पॉलीग्राफ और वॉयस मैचिंग टेस्ट कराने से मना कर दिया है। पाकिस्तान की पंजाब सरकार के मुताबिक जब फॉरेंसिक टीम उनकी जांच के लिए अदियाला जेल पहुंची तो उन्होंने टेस्ट कराने से इनकार कर दिया। इसके बाद टीम वापस लौट आई।
पंजाब के सूचना मंत्री आजमा बुखारी ने कहा कि पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के संस्थापक इमरान खान ने गुरुवार को तीसरी बार पॉलीग्राफ परीक्षण कराने से इनकार कर दिया। वह न केवल अदालती आदेशों की अवहेलना कर रहे हैं, बल्कि सच्चाई से भी बच रहे हैं।
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बोखारी ने कहा कि 72 वर्षीय खान पिछले तीन दिनों से जानबूझकर पॉलीग्राफी से बच रहे हैं। कभी-कभी यह बताया जाता है कि वह सो रहे हैं या खा रहे हैं और कभी-कभी यह बहाना बनाया जाता है कि उनके वकील उपलब्ध नहीं हैं। खान अभी भी इस तथ्य को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं कि वह जेल में सजा काट रहे एक सजायाफ्ता अपराधी हैं। उन्हें यह समझना चाहिए कि यह अदियाला जेल है, न कि उनका बानी गाला आवास।
मंत्री ने कहा कि लाहौर पुलिस अदालत के आदेश पर पीटीआई सुप्रीमो का पॉलीग्राफ और फोटोग्रामेट्री परीक्षण करने के लिए जेल पहुंची थी, लेकिन उन्होंने विभिन्न बहाने बनाकर इस प्रक्रिया से बचने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि 9 मई 2023 के दंगे एक खुला विद्रोह, सेना तथा राज्य के खिलाफ एक साजिश थी। दंगों के दौरान हमलों के मास्टरमाइंड और सुविधाकर्ताओं को उनके कृत्यों के परिणाम भुगतने होंगे।
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71 वर्षीय पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को 190 मिलियन पाउंड के भ्रष्टाचार के मामले में राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (एनएबी) द्वारा गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद 9 मई 2023 को देशभर में दंगे भड़क गए थे। उन पर 200 से अधिक मामले दर्ज हैं और वे पिछले साल अगस्त से जेल में कैद हैं। पिछले सप्ताह लाहौर की एक अदालत ने पुलिस को 9 मई, 2023 के दंगों से जुड़े 12 मामलों में खान के पॉलीग्राफ और फोटोग्रामेट्री जांच कराने की अनुमति दी थी।
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