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France: ‘टीचर की जान लेने वाला आरोपी IS के प्रति वफादार’, अभियोजक बोले- वीडियो में फलस्तीनियों का किया समर्थन

Tue, 17 Oct 2023 11:56 PM IST
जलज मिश्रा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, पेरिस

सार

अभियोजक जीन-फ्रांस्वा रिकॉर्ड ने बताया कि आरोपी मोहम्मद एम के मोबाइल से जांच के दौरान एक ऑडियो मिली, जिसमें आरोपी ने आईएस के प्रति अपनी निष्ठा की घोषणा की। वह फ्रांस, फ्रांसीसियों, फ्रांसीसी लोकतंत्र और फ्रांसीसी शिक्षा से नफरत करता है और ऑडियो में उसकी नफरत साफ सुनी जा सकती है। 
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फ्रांस का ध्वज - फोटो : पिक्साबे
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विस्तार
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आतंकवाद से अब यूरोप भी अछूता नहीं रहा। यूरोपीय देश फ्रांस में पिछले सप्ताह स्कूल में हुए हमले में बड़ा खुलासा हुआ है। आंतकवाद विरोधी अभियाजोक का कहना है कि हत्या से पहले आरोपी ने इस्लामिक स्टेट के प्रति अपनी वफादारी साबित की थी। अभियोजक का दावा है कि पुलिस को आरोपी के पास से एक ऑडियो रिकॉर्डिंग भी मिली है।
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फ्रांसीसी मूल्यों से नफरत करता था आरोपी
जानकारी के अनुसार, अभियोजक जीन-फ्रांस्वा रिकॉर्ड ने बताया कि हमले के आरोपी मोहम्मद एम. को पुलिस ने हिरासत में ले लिया था। आरोपी ने जिस स्कूल में हमला किया था, वह उसी स्कूल का पूर्व छात्र था। आरोपी का जन्म 2003 में रूस के इंगुशेतिया क्षेत्र में हुआ था। अभियोजक के मोबाइल से जांच के दौरान एक ऑडियो भी मिला, जिसमें आरोपी ने आईएस के प्रति अपनी निष्ठा की घोषणा की। ऑडियो के अनुसार, वह फ्रांस, फ्रांसीसियों, फ्रांसीसी लोकतंत्र और फ्रांसीसी शिक्षा से नफरत करता है और ऑडियो में उसकी नफरत साफ सुनी जा सकती है। 

आरोपी ने वीडियो भी बनाया
अभियोजक ने आगे बताया कि हमलावर ने हमले से कुछ देर पहले युद्ध स्मारक के सामने 30 सेकंड का अपना एक वीडियो भी रिकॉर्ड किया था। वीडियो में आरोपी बार-बार फ्रांसीसी मूल्यों पर हमला कर रहा था। उसने धमकी भरा संदेश दिया।
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वीडियो में आरोपी ने इराक, एशिया और फलस्तीनी इलाकों के मुसलमानों का समर्थन भी किया। बता दें, आरोपी ने पूरा वीडियो अरबी भाषा में बनाया था।

आरोपी मोहम्मद के अलावा दौ और लोगों के हमले में शामिल होने का संदेह
अभियोजक के अनुसार, हमले में दो और आरोपियों के शामिल होने का संदेह है। पहला- उसका 16 साल का छोटा भाई। संदेह है कि वह भाई का कुछ हद तक समर्थन करता था। वह अपने भाई के कट्टरपंथी विचारधारा का समर्थन करता था। दूसरा संदेही- चचेरा भाई। संदेह है कि वह जानता था कि हमले की योजना बनाई जा रही है। बावजूद इसके उसने इसे रोकने के लिए कुछ नहीं किया। पुलिस के हवाले से जीन ने बताया कि पुलिस ने 13 लोगों को हिरासत में लिया था, जिसमें से 10 लोगों को बाद में आजाद कर दिया गया।
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