बांग्लादेश की राजनीति में गुरुवार को एक बड़ा सियासी मोड़ देखने को मिला, जब 17 साल के लंबे निर्वासन के बाद बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के कार्यकारी अध्यक्ष तारिक रहमान
स्वदेश लौटे। राजधानी ढाका के ‘300 फीट’ इलाके में उनके स्वागत के लिए हजारों की संख्या में समर्थक जुटे और उनके पहुंचते ही पूरा इलाका नारों से गूंज उठा। यह वापसी ऐसे समय हुई है, जब देश में राजनीतिक अस्थिरता और चुनावी माहौल गर्माया हुआ है।
दोपहर 3 बजकर 58 मिनट पर मंच से अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए ताऱिक रहमान ने सबसे पहले अल्लाह का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा कि वह अपने वतन लौटकर भावुक हैं और जनता के बीच आकर खुद को धन्य महसूस कर रहे हैं। उन्होंने 1971 के मुक्ति संग्राम, 1975 के जनउभार और 1990 के जन आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि बांग्लादेश की जनता ने हर दौर में लोकतंत्र और संप्रभुता की रक्षा के लिए संघर्ष किया है।
लोकतांत्रिक और आर्थिक अधिकारों की बात
तारिक रहमान ने हालिया घटनाओं का हवाला देते हुए कहा कि अब देश के लोगों को अपने बोलने और लोकतांत्रिक अधिकारों को वापस लेने की जरूरत है। उन्होंने छात्र नेता उस्मान हादी की मौत का जिक्र करते हुए कहा कि शहीदों के खून का कर्ज चुकाने के लिए एक न्यायपूर्ण और मजबूत बांग्लादेश का निर्माण जरूरी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश में शांति चाहिए और इसके लिए सभी को एकजुट होना होगा।
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मैंने सपना नहीं, योजना बनाई है- तारिक रहमान
अपने संबोधन में तारिक रहमान ने मार्टिन लूथर किंग जूनियर के प्रसिद्ध कथन का हवाला देते हुए कहा कि मेरे पास सपना नहीं, एक योजना है। उन्होंने कहा कि यह देश पहाड़ों और मैदानों का है, जहां मुस्लिम, हिंदू, बौद्ध और ईसाई सभी साथ रहते हैं। उनका लक्ष्य एक ऐसा सुरक्षित बांग्लादेश बनाना है, जहां हर नागरिक बिना डर के घर से निकले और सुरक्षित लौटे। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी देश के भविष्य निर्माण में सबसे अहम भूमिका निभाएगी।
तारिक रहमान गुरुवार सुबह 11:40 बजे लंदन से आई बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर से ढाका के हजरत शाहजलाल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचे। इमिग्रेशन प्रक्रिया पूरी करने के बाद उनका स्वागत बीएनपी महासचिव मिर्जा और अन्य नेताओं ने किया। दोपहर 12:35 बजे वह विशेष बस से ‘300 फीट’ इलाके के लिए रवाना हुए और करीब साढ़े तीन घंटे बाद मंच पर पहुंचे। रैली के बाद वह अपनी मां और पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया से मिलने अस्पताल जाने वाले हैं।
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