तारिक फतेह के चर्चित बयान: ‘पाकिस्तान का एक दिन टूटना तय, हिन्दुस्तान के इतिहास से जुड़ा हर व्यक्ति हिंदू’
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिवेंद्र तिवारी
Updated Mon, 24 Apr 2023 07:51 PM IST
सार
20 नवंबर साल 1949 को कराची में तारिक फतेह का जन्म हुआ। तारिक का परिवार मुंबई का रहने वाला था। 1947 में जब भारत और पाकिस्तान का विभाजन हुआ तो उनका परिवार पाकिस्तान के कराची में जाकर बस गया। वो हमेशा अपनी टिप्पणियों के कारण चर्चा में रहे हैं।
तारिक फतह
- फोटो : SOCIAL MEDIA
पाकिस्तान में जन्में मशहूर लेखक तारिक फतेह का सोमवार को निधन हो गया। 73 वर्षीय लेखक लंबे समय से बीमार चल रहे थे। उनकी बेटी नताशा ने फतेह के निधन की पुष्टि की है। नताशा ने ट्वीट किया, 'पंजाब के शेर, हिन्दुस्तान के बेटे, कनाडा के प्रेमी, सच बोलने वाले, न्याय के लिए लड़ने वाले, शोषितों की आवाज तारिक फतेह अब हमारे बीच नहीं रहे। उनका काम और उनकी क्रांति उन सभी के साथ जारी रहेगी, जो उन्हें जानते और प्यार करते थे।
तारिक फतेह हमेशा अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहे हैं। एक धड़ा उनकी बातों का विरोध करता तो दूसरा उसके पक्ष में खड़ा हो जाता।
तारिक फतह
- फोटो : SOCIAL MEDIA
पाकिस्तान में जन्में मशहूर लेखक तारिक फतेह का सोमवार को निधन हो गया। 73 वर्षीय लेखक लंबे समय से बीमार चल रहे थे। उनकी बेटी नताशा ने फतेह के निधन की पुष्टि की है। नताशा ने ट्वीट किया, 'पंजाब के शेर, हिन्दुस्तान के बेटे, कनाडा के प्रेमी, सच बोलने वाले, न्याय के लिए लड़ने वाले, शोषितों की आवाज तारिक फतेह अब हमारे बीच नहीं रहे। उनका काम और उनकी क्रांति उन सभी के साथ जारी रहेगी, जो उन्हें जानते और प्यार करते थे।
तारिक फतेह हमेशा अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहे हैं। एक धड़ा उनकी बातों का विरोध करता तो दूसरा उसके पक्ष में खड़ा हो जाता।
तारिक फतह का स्टूडेंट्स से हुआ विवाद
- फोटो : File Photo
पहले जानिए कौन थे तारिक फतेह?
तारिक फतेह का परिवार मुंबई का रहने वाला था। 1947 में जब भारत और पाकिस्तान का विभाजन हुआ तो उनका परिवार पाकिस्तान के कराची में जाकर बस गया। जहां 20 नवंबर साल 1949 को कराची में तारिक फतेह का जन्म हुआ। मशहूर लेखक तारिक फतेह ने कराची यूनिवर्सिटी से बायोकेमिस्ट्री की पढ़ाई की थी, लेकिन बाद में उन्होंने पत्रकारिता को अपना पेशा बनाया।
उन्होंने पाकिस्तानी टीवी चैनल में काम किया। उससे पहले 1970 में वे कराची सन नाम के अखबार में रिपोर्टिंग करते थे। खोजी पत्रकारिता के कारण वे जेल भी गए। हालांकि बाद में तारिक पाकिस्तान छोड़ कर सऊदी अरब चले गए। जहां से 1987 में वे कनाडा में बस गए।
तारिक फतेह की पहचान पाकिस्तानी मूल के कनाडाई लेखक प्रसारक और सेक्युलर उदारवादी कार्यकर्ता के रूप में थी। वे इस्लामी अतिवाद के खिलाफ मुखर होकर बोलते और लिखते रहे।
लेखक तारिक फतह
- फोटो : अमर उजाला
अब आइये जानते हैं उनके चर्चित बयान..
‘पाकिस्तान का टूटना तय’
लेखक पहली बार 2013 में भारत दौरे पर आए थे तब उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा था, 'पाकिस्तान को तो अब भूल जाइए। इसको एक न एक दिन टूटना ही है। वो दिन भी दूर नहीं जब बलूचिस्तान उससे अलग हो जाएगा। पाकिस्तानी सेना एक औद्योगिक माफिया है जिसका अपने देश के अनाज, ट्रकों, मिसाइलों से ले कर बैंकों तक पर नियंत्रण हैं।'
फतेह ने कहा था, 'भारत ही एकमात्र ऐसा देश है जहां मुसलमान बिना डरे काम करते हैं।'
खुद को बताते थे पाकिस्तान में पैदा हुआ भारतीय
खुद का परिचय बताते हुए उन्होंने कहा था, 'मैं पाकिस्तान में पैदा हुआ भारतीय हूं, इस्लाम में जन्मा पंजाबी हूं; एक मुस्लिम चेतना के साथ कनाडा में एक अप्रवासी और एक मार्क्सवादी मार्गदर्शित युवा हूं।'
हर हिन्दुस्तानी को बताया हिंदू
देश में सीएए-एनआरसी के मुद्दे पर हुए दंगो के बाद तारिक ने कहा था, 'हर वह व्यक्ति हिंदू है, जो हिंदुस्तान के इतिहास और परंपरा की मिल्कियत रखता है।' तारिक फतेह खुद को मुसलमान कहते थे, हालांकि वो मानते थे कि उनके पूर्वज भी हिन्दू थे।
अयोध्या में राम मंदिर के पक्षधर
तारिक फतेह अयोध्या में राम मंदिर बनाने के पक्षधर थे। तारेक कहते थे एक गुंडा अफगानिस्तान से आया और आपकी जमीन पर घर बनाकर चला गया। फतेह कहते थे कि अयोध्या में मंदिर मुसलमानों के हाथ से बनना चहिए।
प्रधानमंत्री मोदी के प्रशंसक
एक अखबार को दिए इंटरव्यू में फतेह ने कहा था, 'मोदी ने अपने आठ साल के कार्यकाल में मुसलमानों के खिलाफ कुछ नहीं कहा। पिछले कई सालों से आपको जबलपुर दंगे, बंबई दंगे जैसे वाकये देखने को नहीं मिले। मोदी ने ऐसा कुछ नहीं किया जो मुसलमानों के लिए नुकसानदेह हो, उन्हें खतरा पहुंचाता हो।'