रूस-यूक्रेन आखिर वार्ता के लिए तैयार हो गए हैं। दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल के बीच यह बातचीत बेलारूस-यूक्रेन सीमा पर होगी। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के कार्यालय ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा, बातचीत बिना किसी पूर्व शर्त के होगी।
बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको की जेलेंस्की और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से फोन पर बातचीत से यह संभव हुआ। हालांकि, पुतिन ने कहा, वार्ता के दौरान युद्ध नहीं रुकेगा।
रूसी राष्ट्रपति कार्यालय क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने बातचीत की पेशकश के साथ बताया, रूसी प्रतिनिधि मंडल व्लादिमीर मेडिंस्की के नेतृत्व में बेलारूस पहुंच गया है। उन्होंने दावा किया कि यूक्रेन के प्रतिनिधि भी पहुंच गए हैं। बेलारूस की पूर्वी व उत्तर-पूर्वी सीमाएं रूस और दक्षिणी सीमाएं यूक्रेन के साथ मिलती हैं।
जेलेंस्की ने पहले बेलारूस के लिए किया था इनकार
रूस के प्रस्ताव पर पहले जेलेंस्की ने बेलारूस में बातचीत से इनकार कर दिया था। उनका कहना था, वार्ता के लिए तैयार हैं, पर जिस सरजमीं का इस्तेमाल हम पर मिसाइल दागने के लिए किया गया, वहां वार्ता नहीं करेंगे। उन्होंने वारसॉ, ब्रातिस्लावा, बुडापेस्ट, इस्तांबुल, बाकू का प्रस्ताव दिया था।
रूस का दावा, इस्राइल ने की मध्यस्थता की पेशकश
इस्राइली प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट ने युद्ध खत्म करने के लिए मध्यस्थता का प्रस्ताव दिया है। बेनेट ने पुतिन व जेलेंस्की से बात भी की। यूक्रेन ने इस्राइल से मदद मांगी थी। यूक्रेन व रूस, दोनों से इस्राइल के अच्छे संबंध हैं। बेनेट ने कहा, इस्राइल हर वक्त मदद करने के लिए तैयार है।
-यूक्रेन ने दावा किया है कि जी-7 के विदेशमंत्रियों की बैठक में सभी देशों ने उसे हथियार व सैन्य मदद देने का भरोसा दिया है।