11 सितंबर 2001 को आतंकी हमला
अमेरिकी वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर 11 सितंबर 2001 को हुए हमले की 18वीं बरसी पर अफगानिस्तान में अमेरिकी दूतावास के पास बुधवार तड़के रॉकेट से हमला किया गया। हालांकि इसमें किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है लेकिन धमाके के तुरंत बाद मध्य काबुल में धुआं छा गया और सायरन बजने लगे। किसी भी गुट ने हमले की जिम्मेदारी भी नहीं ली है।
यह घटना अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा तालिबान नेताओं के साथ शांति वार्ता रद्द करने के फैसले के बाद हुई। इसे एक बड़ा आतंकी हमला माना जा रहा है। अफगानिस्तान के अधिकारियों ने तत्काल इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है। ‘नाटो’ मिशन ने भी किसी के हताहत होने की पुष्टि नहीं की है।
बता दें कि 11 सितम्बर 2001 को अलकायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन के नेतृत्व में अमेरिका पर भीषण आतकंवादी हमला हुआ था, जिसमें 2,983 लोग मारे गए थे। इसके बाद ही अफगानिस्तान में तालिबान का पतन हुआ था। आज 18 साल बाद भी करीब 14,000 अमेरिकी सैनिक अफगानिस्तान में तैनात हैं।