चीन के साथ तनाव के बीच ताइवान में स्थानीय निकायों के चुनाव के लिए शनिवार को सुबह से ही मतदाताओं ने उत्साह दिखाया। इन चुनावों में देर शाम मिले नतीजों में देश की सत्तारूढ़ डेमोक्रेटिक प्रोग्रेस पार्टी (डीपीपी) ने अपनी हार स्वीकार कर ली है। सत्तारूढ़ पार्टी के मेयर पद के उम्मीदवार चेन शिह-चुंग ने विपक्ष की ओर से वेन चियांग को अपनी बधाई दी। राष्ट्रपति त्साई इंग-वेन ने अपनी पार्टी द्वारा स्थानीय चुनाव में हार के बाद सत्तारूढ़ डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी के प्रमुख के पद से इस्तीफा दे दिया है। चुनाव के नतीजे आने के बाद उन्होंने समर्थकों को धन्यवाद भी दिया।
बता दें कि देश में पिछली बार 2018 में हुए स्थानीय निकाय चुनाव में भी केएमटी (कुओमिन्तांग) पार्टी ने ही विजय हासिल की थी। ताइवान में होने वाले स्थानीय चुनाव को आगामी द्वीपीय चुनाव के लिए एक शक्ति परीक्षण के तौर पर देखा जाता है। इस हिसाब से मौजूदा राष्ट्रपति साई इंग-वेन की स्थिति कुछ कमजोर दिखाई दे रही है। बता दें कि केएमटी पार्टी चीन के साथ मधुर संबंध बनाकर काम करना चाहती है। उसने डीपीपी पर आरोप लगाया था कि वह चीन से संबंधों को तनावपूर्ण बना रही है जो द्वीपीय राष्ट्र के लिए ठीक नहीं। केएमटी चीन समर्थक न होकर भी उससे मधुर संबंध चाहती है। शनिवार को हुए स्थानीय चुनाव में मतदान के जरिये 13 क्षेत्रों (काउंटी) और नौ शहरों में अपने मेयर, नगर परिषद के सदस्यों तथा अन्य स्थानीय नेताओं का चुनाव लड़ा गया।
चीन की भूमिका नहीं : विशेषज्ञ
अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों व सत्तारूढ़ दल ने जहां चुनावों को ताइवान के पड़ोसी देश से अस्तित्व के दीर्घकालिक खतरे से जोड़ने का प्रयास किया है, वहीं कई स्थानीय विशेषज्ञों को नहीं लगता कि इस बार चीन की कोई बड़ी भूमिका है। नेशनल ताइवान यूनिवर्सिटी में राजनीति विज्ञान के प्रोफेसर येह-लिह वांग ने कहा, अंतरराष्ट्रीय संस्था ने बहुत कुछ दांव पर रख दिया है। उन्होंने इस स्थानीय चुनाव को विश्व स्तर पर पहुंचाकर इसे ताइवान के अस्तित्व से जोड़ दिया है।