ताइवान ने सभी पुरुष नागरिकों के लिए अनिवार्य सैन्य प्रशिक्षण को चार महीने से बढ़ाकर एक साल करने का फैसला किया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, चीन की बढ़ती आक्रामकता के बीच ताइवान की राष्ट्रपति त्साई इंग-वेन ने मंगलवार को इस निर्णय की घोषणा की। नागरिकों के लिए एक साल का सैन्य प्रशिक्षण वर्ष 2024 शुरू होगा।
त्साई इंग-वेन ने इसे बेहद कठिन निर्णय करार दिया और जोर देकर कहा कि शांति राष्ट्रीय रक्षा पर निर्भर करती है और राष्ट्रीय रक्षा देश के लोगों पर निर्भर है। उन्होंने कहा कि सैन्य प्रशिक्षण के दौरान मिलने वाले वेतन को बढ़ाकर न्यूनतम वेतन तक किया जाएगा। त्साई इंग-वेन ने घोषणा की कि जेवलिन एंटी-टैंक मिसाइलों और ड्रोन के इस्तेमाल के लिए प्रशिक्षण को तेज और विस्तारित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह बेहद कठिन निर्णय है। लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जरूरी है।
वहीं, ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि ताइवान के आसपास छह चीनी विमानों और जहाजों का पता चला है। ताइवान के सशस्त्र बलों ने स्थिति की निगरानी की और चीन की इन गतिविधियों का जवाब देने के लिए नौसेना के जहाजों और भूमि आधारित मिसाइलों को काम सौंपा।
ताइवान के क्षेत्र में चीनी सेना की घुसपैठ
ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने ट्वीट किया कि मंगलवार सुबह छह बजे (स्थानीय समय) ताइवान की सीमा के पास चीनी सेना के छह विमान और तीन जहाजों को देखा गया। सशस्त्र बलों ने स्थिति की निगरानी की और इन गतिविधियों का जवाब देने के लिए CAP विमान, नौसेना के जहाजों और भूमि आधारित मिसाइल प्रणालियों को काम सौंपा है।
इससे पहले सोमवार को, ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने कहा था कि ताइवान के आसपास चीनी वायुसेना के 71 विमानों और सात जहाजों को देखा गया था, जिसमें 47 सैन्य विमानों को ताइवान स्ट्रेट की मध्य रेखा पार करने का पता चला था। ताइवान के मुताबिक, उसकी सीमा में घुसपैठ करने वाले विमानों 12 J-11, 6 J-10, 18 J-16, छह SU-30, CH-4, WZ-7, Y-8 EW, Y-8 ESW और KJ-500 शामिल थे।