दक्षिण चीन सागर में चीन की सेना के बढ़ते जमावड़े से पर हमले का खतरा मंडराने लगा है। यही नहीं हांगकांग में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के इशारे पर की गई बर्बरता को न केवल ताइवान बल्कि पूरी दुनिया में देखा गया।
चीनी सेना पीएलए के हमले बढ़ते खतरे के बीच अब आशंका जताई जा रही है कि ताइवान आत्मरक्षा के लिए परमाणु बम बनाने का रास्ता अख्तियार कर सकता है।
एशिया टाइम्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि हांगकांग में दुनिया ने चीन की आक्रामक कार्रवाई को देखा और ब्रिटेन के साथ किए हुए वादे को भी टूटते हुए देखा। चीन ने हांगकांग में मानवाधिकारों और अभिव्यक्ति की आजादी को कुचल कर रख दिया।
ताइवान के परमाणु हथियार ही चीन के आंख खोलेंगे
चीन के इसी खतरे निपटने के लिए अब ताइवान में चर्चा जोर पकड़ रही है कि उसे अपने परमाणु कार्यक्रम को फिर से शुरू करना चाहिए। कहा जा रहा है परमाणु हथियार ही चीन की आंख खोलेंगे और वह ध्यान देगा। रिअल क्लियर डिफेंस ने कहा कि दो साल पहले चीनी राष्ट्रपति ने कहा था कि अगर ताइवान शांति के साथ नहीं जुड़ा तो ताकत के बल पर जोड़ा जाएगा।