ताइवान के तटरक्षक बल ने चीन पर उत्पीड़न का आरोप लगाया है। दक्षिण चीन सागर में एक विवादित मूंगा द्वीप के पास हुई घटना के बाद यह आरोप लगाया गया है। इस द्वीप का प्रशासन ताइवान के पास है। चीन का एक जहाज प्रतिबंधित जलक्षेत्र में घुस गया था।
चीन लोकतांत्रिक तरीके से शासित ताइवान को अपना अलग हुआ प्रांत मानता है। उसने ताइवान को अपने साथ मिलाने के लिए बल प्रयोग की संभावना से भी इनकार नहीं किया है। चीन लगभग हर दिन द्वीप के पास युद्धपोत और सैन्य विमान भेजता है। हाल के महीनों में उसने तटरक्षक गश्त भी बढ़ा दी है। खास तौर पर ताइवान के पूर्वी जलक्षेत्र में गश्त बढ़ाई गई है। इससे ताइपे में चिंता बढ़ गई है।
कहां हुआ दोनों जहाजों का आमना-सामना?
ताइवान के तटरक्षक बल ने बताया कि चीनी तटरक्षक जहाज शनिवार तड़के ताइवान के मुख्य द्वीप के दक्षिण-पश्चिम में स्थित प्रतास द्वीप समूह के पास के जलक्षेत्र में घुसा। इसके बाद ताइवान के तटरक्षक जहाज ने चीनी जहाज का सामना किया और उसे वहां से चले जाने के लिए कहा।
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ताइवान के तटरक्षक बल के मुताबिक, आमने-सामने की इस घटना के दौरान दोनों जहाजों के बीच की दूरी घटकर सिर्फ एक समुद्री मील (1.9 किलोमीटर) रह गई थी। बीजिंग का कहना है कि जिन जलक्षेत्रों में उसके जहाज गश्त करते हैं, वे उसके अधिकार क्षेत्र में आते हैं।
ताइवान ने चीन से क्या कहा?
ताइवान के तटरक्षक बल ने बीजिंग से अपील की कि वह 'उत्पीड़न की इन निरर्थक गतिविधियों को तुरंत बंद करे'। उसने बताया कि इस साल प्रतास द्वीप समूह के पास इस तरह की घुसपैठ की यह 13वीं घटना थी। इन घटनाओं में कुल 16 जहाज शामिल रहे हैं।
चीन ने ताइवान के पूर्वी जलक्षेत्र में भी गश्त की
शनिवार को चीन के तटरक्षक बल ने घोषणा की कि उसने ताइवान के पूर्वी जलक्षेत्र में 'नियमित कानून प्रवर्तन गश्त' के लिए जहाजों का एक समूह भेजा है। उसके बयान में कहा गया, चीन का तटरक्षक बल अपने अधिकार क्षेत्र के जलक्षेत्रों में कानून प्रवर्तन गश्त करना जारी रखेगा। वह देश की क्षेत्रीय संप्रभुता और समुद्री अधिकारों व हितों की दृढ़ता से रक्षा करेगा।
यूरोपीय देशों ने कब जताई थी चिंता?
जून में फ्रांस, जर्मनी और ब्रिटेन ने एक संयुक्त बयान जारी किया था। इसमें उन्होंने ताइवान के पूर्वी जलक्षेत्र में चीन की गतिविधियों पर चिंता जताई थी। उन्होंने कहा था कि इन गतिविधियों से क्षेत्रीय स्थिरता खतरे में पड़ रही है।