शांत नेता के रूप में पेश की अपनी छवि
वर्षों तक, असद ने सरकार-नियंत्रित क्षेत्रों में आयोजित कई चुनावों में, उन्होंने अधिकांश वोट हासिल किए, हालांकि पश्चिमी देशों और मानवाधिकार संगठनों ने इन चुनावों को स्वतंत्र और निष्पक्ष नहीं माना। औपचारिक बैठकों, साक्षात्कारों और यहां तक कि मोर्चों पर भी, 59 वर्षीय नेत्र रोग विशेषज्ञ असद ने खुद को शांतचित्त दिखाया।
2011 में विद्रोही आंदोलन को कुचला
सीरिया में पद से हटाए जाने की मांग को लेकर देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों और सशस्त्र विद्रोह को लगभग कुचल देने के बाद, असद ने - विद्रोहियों के आक्रमण के बाद - 2011 में शुरू हुए गृहयुद्ध में सीरिया के अधिकांश हिस्से पर नियंत्रण वापस ले लिया था। शांत स्वभाव वाले असद ने वर्षों तक सत्ता बनाए रखने के लिए रूस, ईरान और लेबनान के हिजबुल्ला जैसे अपने सहयोगियों पर भरोसा किया। कुल मिलाकर राष्ट्रपति बशर ने शक्ति और सेना के बल पर विद्रोह को कुचला, ये विद्रोह काफी लंबा चला कुछ सालों तक ये काफी ठंडा पड़ा रहा।