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Syria Crisis: जान बचाकर सीरिया से भागे राष्ट्रपति बशर असद ने रूस में शरण ली, परिवार भी मॉस्को में मौजूद

Mon, 09 Dec 2024 01:18 AM IST
ज्योति भास्कर वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मॉस्को

सार

अपदस्थ सीरियाई राष्ट्रपति बशर असद रूस में हैं। इसी बीच विद्रोही गुट ने दमिश्क की राजधानी पर कब्जा कर लिया।दमिश्क में दाखिल होने के बाद पहली बार उनका नेता अल-जुलानी सामने आयया और इस घटना को इस्लामी राष्ट्र की जीत बताया। खबरों के मुताबिक बशर असद के भागने के बाद  असद परिवार का 50 साल का शासन खत्म हो गया। 
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बशर अल-असद, सीरिया के राष्ट्रपति (फाइल) - फोटो : ANI
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विस्तार
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सीरिया में 24 साल लंबे बशर अल-असद शासन का अंत हो गया है। हयात तहरीर अल-शाम (एचटीएस) के कमांडर अबु मोहम्मद अल-जुलानी के नेतृत्व में विद्रोहियों ने रविवार को राजधानी दमिश्क पर भी कब्जा कर लिया। राष्ट्रपति बशर देश छोड़कर भाग गए हैं। बशर अल-असद अपने परिवार के साथ रूस की राजधानी मॉस्को पहुंच गए हैं। दमिश्क पर कब्जे के करीब एक घंटे बाद सरकारी टीवी पर विद्रोहियों के समूह का बयान प्रसारित किया गया, जिसमें कहा गया कि राष्ट्रपति बशर को सत्ता से उखाड़ फेंका गया है और जेल से कैदियों को रिहा कर दिया गया है। अनस सलखादी नामक विद्रोही कमांडर ने सरकारी टीवी पर अल्पसंख्यकों को भरोसा दिया कि किसी से भेदभाव नहीं किया जाएगा। उसने कहा, सीरिया सभी के लिए है, कोई अपवाद नहीं।  हम लोगों के साथ वैसा व्यवहार नहीं करेंगे जैसा असद परिवार ने किया।
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असद और उनके परिवार को मॉस्को में शरण
रूसी राष्ट्रपति भवन- क्रेमलिन से जुड़े सूत्रों ने बताया कि अपदस्थ सीरियाई राष्ट्रपति बशर असद रविवार देर रात मॉस्को पहुंचे। संकटग्रस्त देश सीरिया के राष्ट्रपति से जुड़े घटनाक्रम के बारे में रूसी मीडिया ने बताया कि असद और उनके परिवार को मॉस्को में शरण दी गई है। रूसी एजेंसियों- टैस और आरआईए ने क्रेमलिन के सूत्रों के हवाले से यह दावा किया है। संकट के बीच राष्ट्रपति बशर अल-असद को अपदस्थ करने के बाद सीरियाई विद्रोहियों के समर्थकों ने रविवार को इटली, रूस, स्पेन, स्वीडन, इंडनेशिया, यूनान और हंगरी स्थित सीरियाई दूतावासों में घुस कर झंडे भी फहराए। इस दौरान जश्न मानने वाले समर्थकों ने कहा, असद की तानाशाही से लोगों को आखिरकार आजादी मिल ही गई।

पांच दशक से सत्ता में था असद परिवार
इसी के साथ असद का 24 साल लंबा शासन खत्म हो गया है। बता दें कि असद का परिवार बीते पांच दशक से सत्ता में था। देश पर कब्जे के बाद विद्रोहियों ने राजधानी में कर्फ्यू लगाने की घोषणा की। देश की सबसे बड़ी जेल से कैदियों को भी रिहा किया गया। अराजक माहौल के बीच देश के राष्ट्रपति भवन पर धावा बोलने, तोड़फोड़, लूटपाट की खबर भी सामने आई। तोड़फोड़ और आगजनी के दौरान असद परिवार के सदस्यों के फोटो नष्ट कर दिए। लोगों ने फर्नीचर और आभूषण भी लूट लिए। इसके वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हुए। रक्षा मंत्रालय की इमारत में भी लोगों ने तोड़फोड़ की। सरकारी इमारतों की सुरक्षा में तैनात सैनिक कहीं नहीं दिखे। बिना खून खराबे के हुए तख्ता पलट के बाद दमिश्क व अन्य शहरों की सड़कों पर जुटे लोग जश्न मनाते दिखे।
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दमिश्क पहुंचा अल-जुलानी, इस्लामी राष्ट्र की जीत बताया
विद्रोहियों के दमिश्क में दाखिल होने के बाद पहली बार उनका नेता अल-जुलानी सामने आया है। रविवार को वह दमिश्क में उमय्यद मस्जिद गया और असद के सत्ता के पतन को इस्लामी राष्ट्र की जीत बताया। मस्जिद के बाहर जमा सैकड़ों लोगों को संबोधित करते हुए उसने कहा कि असद ने सीरिया को ईरान के लालच का मैदान बना दिया था। उसने कहा कि इस महान विजय के बाद पूरे क्षेत्र में एक नया इतिहास लिखा जा रहा है। 

11 दिन में हाथ से निकली सत्ता
2013 में सख्ती से विद्रोह को दबाने वाले राष्ट्रपति बशर के हाथ से सत्ता इस बार मात्र 11 दिन में ही निकल गई। विद्रोही लड़ाकों ने 27 नवंबर के बाद से हमले तेज कर दिए थे। विद्रोहियों ने पहले हामा फिर अलेप्पो और दमिश्क पर कब्जा कर लिया। इससे सीरिया में 50 साल लंबे असद परिवार के शासन का भी खात्मा हो गया।

सीरिया का भविष्य वहां के लोगों पर निर्भर : गुटेरस
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरस ने कहा कि सीरिया का भविष्य सीरियाई लोगों को तय करना है। उनके विशेष दूत गीर पेडरसन इस दिशा में उनके साथ काम करेंगे। व्यवस्थित राजनीतिक परिवर्तन सुनिश्चित करने के लिए बहुत काम किया जाना बाकी है। वह सभी सीरियाई लोगों के अधिकारों की रक्षा करते हुए, इस संवेदनशील समय में शांति बनाए रखने और हिंसा से बचने की अपील करते हैं।

संबंधित वीडियो 

कनाडा के प्रधानमंत्री बोले- सीरिया में असद की तानाशाही का पतन

कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो - फोटो : एएनआई
पश्चिम एशियाई देश सीरिया में राष्ट्रपति बशर अल असद के देश छोड़कर भागने की घटना पर कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि असद की तानाशाही के पतन से दशकों का क्रूर उत्पीड़न समाप्त हो गया। कनाडा के पीएम ने देश के इतिहास में नया अध्याय शुरू होने की संभावना का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कनाडा सीरिया के हालात पर करीबी नजर रख रहा है। आतंकवाद से मुक्ति के बाद इस देश में हम व्यवस्था, स्थिरता और मानवाधिकारों के सम्मान की अपील करते हैं।
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सीरिया संकट पर अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडन का बयान

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन - फोटो : ANI
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने पश्चिम एशियाई देश सीरिया में तेजी से बदलते घटनाक्रम कहा, अमेरिका सीरिया में अपने भागीदारों और हितधारकों के साथ मिलकर काम करता रहेगा ताकि उन्हें जोखिम का प्रबंधन करने का पर्याप्त अवसर मिल सके। वर्षों से ईरान, हिजबुल्लाह और रूस सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल-असद (अब अपदस्थ) के मुख्य समर्थक रहे हैं। हालांकि, पिछले सप्ताह से उनका समर्थन खत्म हो गया, क्योंकि आज वे तीनों बहुत कमजोर हो चुके हैं। सीरिया समेत अन्य प्रभावित क्षेत्रों में जाएंगे अमेरिकी अधिकारी
अमेरिकी विदेश नीति का जिक्र करते हुए बाइडन ने कहा, 'पिछले चार वर्षों में, मेरे प्रशासन ने सीरिया के प्रति एक स्पष्ट, सैद्धांतिक नीति अपनाई है... प्रतिबंधों, कूटनीति और आवश्यक होने पर लक्षित सैन्य बल के संयोजन के माध्यम से हम अमेरिकी भागीदारों का समर्थन कर रहे हैं। अब हम सीरिया और पूरे पश्चिम एशियाई क्षेत्र के लोगों के लिए नए अवसरों के दरवाजे खुलते देख रहे हैं। अमेरिका जॉर्डन, लेबनान, इराक और इस्राइल सहित सीरिया के पड़ोसियों का भी समर्थन करेगा।' बकौल बाइडन, उन्होंने असद के देश छोड़कर भागने के बाद अमेरिकी प्रशासन के शीर्ष लोगों के साथ लंबी चर्चा की। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि वे वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में भेजेंगे।
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