कीटनाशकों का छिड़काव (सांकेतिक तस्वीर)
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स्विट्जरलैंड कृत्रिम कीटनाशकों पर प्रतिबंध लगाने वाला भूटान के बाद दुनिया का दूसरा और यूरोप का पहला देश बन सकता है। 13 जून को इस पर जनमत संग्रह में फैसला लिया जाएगा।
इस पहल से अन्य देशों में भी कृत्रिम कीटनाशकों पर प्रतिबंध लगाने के लिए अनुकूल माहौल तैयार करने में मदद मिलेगी। स्विट्जरलैंड की सबसे बड़ी एग्रो केमिकल कंपनी सिंजेंटा और जर्मनी की बेयर और बीएएसएफ बड़े पैमाने पर कृत्रिम कीटनाशक तैयार कर रही हैं।
कृत्रिम कीटनाशकों के इस्तेमाल पर प्रतिबंध की वकालत करने वाले समर्थकों के मुताबिक इससे जहां स्वास्थ्य को गंभीर खतरा है, वहीं इससे जैव विविधता भी सिमट रही है। वहीं, कंपनियों का दावा है कि वे कई स्तर पर कीटनाशकों की जांच करते हैं, इसलिए भय की कोई वजह नहीं होनी चाहिए। उल्टे इनका इस्तेमाल रुका तो कृषि उत्पादन गिरेगा।
पेयजल और खाद्य गुणवत्ता पर भी पड़ेंगे मत
स्विट्जरलैंड में पेयजल और खाद्य सामग्री की गुणवत्ता सुधारने को लेकर भी जनमत संग्रह में मत पड़ेंगे। इसके तहत खाद्य सामग्री में कृत्रिम कीटनाशकों का इस्तेमाल करने वालों के लिए मिलने वाली छूट रोकने का भी प्रावधान है। देश भर में इन दोनों मुद्दे पर बहस जारी है। हाल ही में किए गए तमेडिया सर्वेक्षण में 48 फीसदी लोग पेयजल की गुणवत्ता सुधारने के पक्ष में दिखे जबकि 49 फीसदी लोग कृत्रिम कीटनाशक पर प्रतिबंध के पक्ष में हैं।