नाटो के अध्यक्ष जेन्स स्टोलटेनबर्ग ने कहा, दोनों देशों का नाटो में स्वागत है। वह नाटो का सदस्य बनने का फैसला लेते हैं तो 30 देशों के संगठन में उन्हें जल्द ही शामिल किया जाएगा।
फिनलैंड और स्वीडन के शीर्ष नेताओं ने संकेत दिया है कि उनकी सरकारों ने नाटो की सदस्यता पर अभी निर्णय नहीं लिया है। हालांकि यूक्रेन में रूस की आक्रामकता के मद्देनजर उन्होंने यूरोपीय देशों के साथ करीबी रक्षा सहयोग पर जोर दिया।
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जर्मन चांसलर ओलाफ शोल्ज के साथ बैठक के बाद फिनलैंड की प्रधानमंत्री सन्ना मैरिन ने कहा कि यूक्रेन पर आक्रमण के बाद सुरक्षा हालात पूरी तरह बदल गए हैं। वापसी का कोई रास्ता नहीं है। हमें फैसला लेना होगा कि नाटो सदस्यता के लिए आवेदन करें या वर्तमान रास्ते पर चलते रहें। इस पर हम संसद में चर्चा कर रहे हैं।
उनकी स्वीडिश समकक्ष मैगडालेना एंडरसन ने कहा, हमारी संसद सुरक्षा हालात की समीक्षा कर रही है और 13 मई को रिपोर्ट देगी। विचार स्वीडन की भविष्य की रक्षा साझेदारी पर है। इसमें नाटो और अन्य विकल्प भी हैं।
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नाटो ने कहा, दोनों का स्वागत
नाटो के अध्यक्ष जेन्स स्टोलटेनबर्ग ने कहा, दोनों देशों का नाटो में स्वागत है। वह नाटो का सदस्य बनने का फैसला लेते हैं तो 30 देशों के संगठन में उन्हें जल्द ही शामिल किया जाएगा। नाटो सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक बर्लिन में 14-15 मई को होनी है।