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तारिक रहमान के भारत दौरे पर सस्पेंस बरकरार: क्या ब्रिक्स से दूरी बनाएगा बांग्लादेश, विदेश मंत्री ने क्या कहा?

Wed, 09 Sep 2026 12:39 PM IST
प्रशांत तिवारी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला

सार

बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान ने मंगलवार को प्रधानमंत्री तारिक रहमान के दौरे को लेकर किसी भी तरह की जानकारी देने से इंकार कर दिया। भारत नई दिल्ली में 12 और 13 सितंबर को सालाना ब्रिक्स समिट की मेजबानी कर रहा है। 
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बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के अध्यक्ष के तौर पर कार्यभार संभाला और इस वैश्विक संस्था के सालाना सत्र की अध्यक्षता की जिम्मेदारी संभाली। इसके बाद पत्रकारों से उन्होंने बात किया। पत्रकारों से बात करते हुए जब प्रधानमंत्री तारिक रहमान के भारत दौरे को लेकर उनसे सवाल किया तो उन्होंने जवाब देने से इंकार कर दिया। उन्होंने इस सवाल को टालते हुए कहा,'मैं यहां अपनी राष्ट्रीय हैसियत से नहीं आया हूं, इसलिए कृपया मुझे माफ करें...मैं आप सभी से अनुरोध करूंगा कि मुझसे सवाल पूछें या मुझसे महासभा के अध्यक्ष के तौर पर बात करें। अगर कोई द्विपक्षीय मुद्दा है, तो मैं अभी भी विदेश मंत्री हूं; मैं अलग से बात करूंगा।' 

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भारत सरकार ने किया है आमंत्रित 
भारत ने तारिक रहमान को बिम्सटेक (बे ऑफ बंगाल इनिशिएटिव फॉर मल्टी-सेक्टरल टेक्निकल एंड इकोनॉमिक कोऑपरेशन) के मौजूदा अध्यक्ष के तौर पर ब्रिक्स समिट के आउटरीच सत्र में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है। भारत-बांग्लादेश के बीच तनावपूर्ण संबंधों के बीच अब ढाका के समिट में शामिल होने को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। भारत 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में सालाना ब्रिक्स समिट की मेजबानी कर रहा है। इस दौरान कई अहम वैश्विक चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा होने की उम्मीद है। इनमें पश्चिम एशिया संकट के आर्थिक प्रभाव भी शामिल हैं। बिम्सटेक एक क्षेत्रीय समूह है, जिसमें भारत, श्रीलंका, थाईलैंड, बांग्लादेश, म्यांमार, नेपाल और भूटान शामिल हैं।

भारत-बांग्लादेश तनाव के बीच भागीदारी पर नजर
समिट में बांग्लादेश की भागीदारी पर सभी की नजरें होंगी, क्योंकि भारत के साथ उसके रिश्ते तनावपूर्ण हैं। इसकी एक बड़ी वजह यह है कि नई दिल्ली ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को राजनीतिक शरण देने का फैसला किया है। हसीना अगस्त 2024 में युवाओं के नेतृत्व वाले विद्रोह के बाद सत्ता से हटाए जाने के बाद भारत आ गई थीं।
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दिल्ली को ढाका से नहीं मिली कोई नई जानकारी
इससे पहले मंगलवार को नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि ब्रिक्स समिट में बांग्लादेशी प्रधानमंत्री की भागीदारी को लेकर ढाका की ओर से अभी तक कोई पुष्टि या नई जानकारी नहीं मिली है।

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11 प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं का समूह है ब्रिक्स
BRICS में शुरुआत में ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल थे। वर्ष 2024 में मिस्र, इथियोपिया, ईरान और संयुक्त अरब अमीरात को शामिल करके इसका विस्तार किया गया, जबकि 2025 में इंडोनेशिया भी इसमें शामिल हो रहा है। यह समूह एक प्रभावशाली वैश्विक मंच के रूप में उभरा है, क्योंकि यह दुनिया की 11 प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं को एक साथ लाता है। इन देशों की हिस्सेदारी वैश्विक आबादी में लगभग 49.5 प्रतिशत, वैश्विक GDP में करीब 40 प्रतिशत और वैश्विक व्यापार में लगभग 26 प्रतिशत है।

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