अपने किर्गिज समकक्ष चिंगिज एदारबेकोव के साथ विदेश मंत्री सुषमा स्वराज
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विदेश मंत्री सुषमा स्वराज शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की दो दिवसीय बैठक में हिस्सा लेने मंगलवार को किर्गिज गणराज्य की राजधानी बिश्केक पहुंचीं। बिश्केक पहुंचने पर स्वराज का पारंपरिक स्वागत किया गया।
यहां बैठक में आतंकवाद समेत कई अहम मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। यह दूसरा अवसर है जब भारत विदेश मंत्रियों की परिषद (सीएफएम) की बैठक में एससीओ के पूर्ण सदस्य के तौर पर शामिल हो रहा है।
विदेश मंत्रालय ने एक बयान में बताया कि सीएफएम अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय महत्व के शीर्ष मुद्दों पर चर्चा करने के साथ ही बिश्केक में 13-14 जून को होने जा रहे एससीओ शिखर सम्मेलन की तैयारियों की समीक्षा भी करेगी। सुषमा स्वराज एससीओ के विदेश मंत्रियों के साथ किर्गिज राष्ट्रपति सूरनबाय जीनबेकोव से संयुक्त मुलाकात भी करेंगी।
भारत 2017 में इस समूह का पूर्णकालिक सदस्य बना था। एससीओ की स्थापना 2001 में शंघाई में रूस, चीन, किर्गिज गणराज्य, कजाकिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपतियों ने की थी। 2017 में भारत के साथ पाकिस्तान को भी एससीओ की सदस्यता दी गई थी।