किसान परिवार में जन्म कानून को बनाया पेशा
कार्की (73) का जन्म मोरंग के किसान परिवार में हुआ। सात संतान में सबसे बड़ी थीं। विराटनगर में रहते हुए बीपी कोइराला परिवार व प्रजातांत्रिक आंदोलन से भी जुड़ीं।
- 1974 में भारत में बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय से राजनीतिशास्त्र में स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल की।
- 26 वर्ष में 1978 में त्रिभुवन विश्वविद्यालय से विधि स्नातक की उपाधि ली और कानून को अपना पेशा बनाया।
नेपाल में तख्तापलट के तीन दिन बाद पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की अंतरिम प्रधानमंत्री बन गई हैं। संसद भंग करने के साथ छह महीने में उन्हें संसद यानी प्रतिनिधि सभा के चुनाव की जिम्मेदारी दी गई थी। उन्होंने अपने पहले फैसले में पांच मार्च, 2026 को आम चुनाव का एलान कर दिया। राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने उनकी सिफारिश मंजूर कर ली। अब सभी की नजर कैबिनेट विस्तार पर लगी हुई है।
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कैबिनेट में हो सकते हैं घीसिंग, बालेन
कार्की ने साफ किया है कि वह अपने कैबिनेट सदस्यों को चुनाव लड़ने से नहीं रोकेंगी। संभव है कि उनकी कैबिनेट में कुलमन घीसिंग, बालेंद्र शाह बालेन व सुमाना श्रेष्ठ को शामिल किया जाए। पीएम पद की दौड़ में बिजली बोर्ड के पूर्व सीईओ घीसिंग व काठमांडो के मेयर बालेन भी थे। सुमाना पूर्व शिक्षा मंत्री हैं। अंतरिम सरकार में जेन-जी का प्रतिनिधि नहीं होगा। हालांकि जेन-जी ने कहा कि वह अंतरिम सरकार के कामकाज पर कड़ी निगाह रखेंगे।