उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन ने प्योंगयांग में एक बड़े राजनीतिक सम्मेलन के दौरान अपनी सत्तारूढ़ पार्टी के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए स्वीकार किया कि उनका देश बेहद खराब दौर से गुजर रहा है। किम ने वर्कर्स पार्टी के शाखा सचिवों की बैठक के दौरान ये टिप्पणियां कीं।
विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर कोरिया में किम के शासन का एक दशक पूरा होने जा रहा है और पहले से ही अस्थिर उसकी अर्थव्यवस्था कोरोना रोकने के लिए लगाए गए लॉकडाउन व अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण चरमरा गई है।
किम ने कहा, अब तक के सबसे बुरे हालात में लोगों की जिंदगियों को बेहतर बनाना पार्टी के जमीनी संगठनों की भूमिका पर निर्भर करता है। उन्होंने कहा, हमें कई अभूतपूर्व चुनौतियों से निपटना है। किम ने पार्टी सदस्यों से जनवरी में हुई कांग्रेस के फैसले लागू करने का भी अनुरोध किया। उस वक्त उन्होंने अमेरिकी दबाव के बावजूद परमाणु क्षमता बढ़ाने का आह्वान किया था।
उ. कोरिया ने कहा, देश में कोरोना का कोई केस नहीं
उत्तर कोरिया ने विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) को पेश हालिया रिपोर्ट में दावा किया है कि देश अब भी कोरोना वायरस से मुक्त है। बता दें कि एक वर्ष पूर्व संक्रमण की शुरुआत से उत्तर कोरिया ने अपनी सीमाएं बंद कर रखी हैं, पर्यटकों के आगमन पर रोक है। संक्रमण के लक्षण वाले हजारों लोगों को क्वारंटीन रखने के बाद भी उत्तर कोरिया का कहना है कि उसके देश में कोरोना का एक भी मामला सामने नहीं आया।